लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद श्रमिकों की मजदूरी में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। इन दोनों जिलों में मजदूरी (मूल वेतन और महंगाई भत्ता सहित) 21 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है। अन्य नगर निगम वाले जिलों में 15 प्रतिशत और शेष जिलों में लगभग 10 प्रतिशत की अंतरिम वृद्धि की गई है। यह फैसला 1 अप्रैल 2025 से लागू माना जाएगा। यह खबर 23 सितंबर 2025 को श्रमिक वर्ग में राहत की लहर लेकर आई है।
नोएडा-गाजियाबाद में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
मीडिया जानकारी के अनुसार, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी अब 13,690 रुपये, अर्द्धकुशल की 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों की 16,868 रुपये हो गई है। अन्य नगर निगम वाले जिलों में अकुशल के लिए 13,006 रुपये, अर्द्धकुशल के लिए 14,306 रुपये और कुशल के लिए 16,025 रुपये निर्धारित किए गए हैं। बाकी जिलों में अकुशल की मजदूरी 12,356 रुपये, अर्द्धकुशल की 13,591 रुपये और कुशल की 15,224 रुपये कर दी गई है।
पहले की दरें क्या थीं?
इससे पहले पूरे प्रदेश में न्यूनतम मजदूरी की दरें एक समान थीं। अकुशल श्रमिकों के लिए 11,313 रुपये मासिक और 435.14 रुपये दैनिक, अर्द्धकुशल के लिए 12,445 रुपये मासिक और 478.69 रुपये दैनिक तथा कुशल श्रमिकों के लिए 13,940 रुपये मासिक और 536.16 रुपये दैनिक थीं। इन दरों को हाल ही में लागू किया गया था।
विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया फैसला
नोएडा और गाजियाबाद में श्रमिकों के लगातार विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने यह अंतरिम बढ़ोतरी का फैसला किया। इससे पहले इंटरनेट पर कुछ प्लेटफॉर्म्स ने 20,000 रुपये मासिक मजदूरी की खबरें फैलाई थीं, जिन्हें सरकार ने भ्रामक बताया और लोगों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की।
VB जी राम जी योजना का प्रचार भी
सरकार ने मंत्रियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे VB जी राम जी योजना (विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन ग्रामीण) का प्रचार-प्रसार करें। यह योजना मनरेगा की जगह शुरू की गई है। मंत्रियों को अपने जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और कार्यक्रमों के जरिए योजना के लाभ बताने और मनरेगा की कमियों को जनता तक पहुँचाने को कहा गया है।
पंचायत चुनाव को देखते हुए रणनीति
यह फैसला आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए लिया गया है। विपक्ष इस मुद्दे पर हमलावर है, इसलिए सरकार ने जवाबी हमले की तैयारी कर ली है। मंत्रियों को फील्ड में उतरकर पात्र-अपात्र वोटरों की जाँच करने और योजना का प्रचार करने का काम सौंपा गया है।
मजदूर वर्ग में राहत
मजदूरी में यह बढ़ोतरी श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। खासकर नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक इलाकों में यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि नए श्रम कानूनों के तहत निरंतर कार्यवाही हो रही है और अगले महीने गठित होने वाले वेज बोर्ड की सिफारिशों पर स्थायी न्यूनतम मजदूरी निर्धारित की जाएगी।

