लखनऊ, उत्तर प्रदेश: योगी आदित्यनाथ सरकार उत्तर प्रदेश को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाने जा रही है। सरकार ने ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान की रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसके तहत अगले कुछ महीनों में फरवरी से शुरू होने वाले 100 दिवसीय विशेष अभियान के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के निर्धन परिवारों का सर्वांगीण विकास किया जाएगा। इस अभियान में प्रदेश के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को सीधे जोड़ा जाएगा। ये संस्थान 10 से 15 ग्राम पंचायतों को गोद लेंगे और उनके छात्र-छात्राएं वॉलंटियर्स के रूप में जाकर चिन्हित गरीब परिवारों को आजीविका, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सशक्तिकरण से जोड़ने का काम करेंगे।
अभियान की शुरुआत लखनऊ से, फिर पूरे प्रदेश में चरणबद्ध विस्तार
प्रमुख सचिव नियोजन एवं जीरो पॉवर्टी अभियान के नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि यह अभियान सबसे पहले राजधानी लखनऊ से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगा। सफल परिणाम मिलने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। अभियान का मुख्य फोकस उन परिवारों पर होगा जो अभी भी गरीबी रेखा से नीचे हैं। इन परिवारों की आजीविका बढ़ाने, कौशल सिखाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए माइक्रो-प्लानिंग की जाएगी।
विश्वविद्यालय-कॉलेज के छात्र बनेंगे वॉलंटियर्स
अभियान में एनएसएस, एनसीसी, एमएसडब्ल्यू (सोशल वर्क) और अन्य कोर्स के छात्र-छात्राओं को वॉलंटियर्स के रूप में शामिल किया जाएगा। ये युवा गोद ली गई ग्राम पंचायतों में जाकर:
- निर्धन परिवारों का सर्वे करेंगे
- उनकी जरूरतों का आकलन करेंगे
- आजीविका संवर्धन, कौशल विकास और रोजगार से जुड़े कार्यों में मदद करेंगे
- सरकारी योजनाओं का 100% कवरेज सुनिश्चित करेंगे
प्रत्येक संस्थान में एक नोडल शिक्षक की तैनाती की जाएगी, जो पूरे अभियान की निगरानी और मार्गदर्शन करेगा।
जिलाधिकारी स्तर पर एमओयू और त्रैमासिक समीक्षा
प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने मीडिया पत्रकार को बताया कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी स्तर पर विश्वविद्यालयों-कॉलेजों के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) साइन किए जाएंगे। हर तीन महीने में समीक्षा बैठकें होंगी, ताकि प्रगति का आकलन हो और जरूरी सुधार किए जा सकें। युवाओं को स्किलिंग, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट से जोड़ा जाएगा। पात्र परिवारों को योजना आवेदन में मदद दी जाएगी और उनकी नियमित मेंटरिंग की जाएगी।
‘लखपति दीदी’ जैसी सफलता को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इन्हें वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और मार्केटिंग सपोर्ट देकर मजबूत बनाया जाएगा। इसी कड़ी में प्रदेश की 14 ‘लखपति दीदियों’ को गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि बनाया गया है। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से लाखों रुपये कमा रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं।
2027 चुनाव से पहले ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प
यह अभियान 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की सरकार की रणनीति का हिस्सा है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार गरीबी रेखा से नीचे न रहे। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की भागीदारी से युवा शक्ति का इस्तेमाल ग्रामीण विकास में होगा।
यह 100 दिवसीय अभियान न केवल टीबी उन्मूलन की तरह सफल होगा, बल्कि यूपी को गरीबी मुक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

