चंदौली, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चंदौली में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स के शिलान्यास समारोह में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में वाराणसी समेत प्रदेश के सभी 75 जिलों में ऐसे ही आधुनिक कोर्ट कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। फंड की कोई कमी नहीं है और न्यायिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने में सरकार कोई कोताही नहीं बरतेगी। योगी ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है, जब न्यायपालिका सशक्त हो और आम आदमी को सहजता से न्याय मिले।
“न्यायपालिका के इतिहास में स्वर्णिम पृष्ठ जुड़ेगा”
समारोह में मुख्य न्यायमूर्ति सूर्यकांत को काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति भेंट कर स्वागत करते हुए योगी ने कहा कि आज चंदौली में न्यायपालिका के इतिहास का नया स्वर्णिम पृष्ठ लिखा जा रहा है। उन्होंने मुख्य न्यायमूर्ति की पुरानी बातों का जिक्र किया, जब उन्होंने कहा था कि न्याय प्रत्येक नागरिक तक सहजता से पहुंचना चाहिए और इसके लिए इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की जरूरत है। इसी प्रेरणा से छह जिलों में पायलट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है। अगले चरण में चित्रकूट, हापुड़, संभल और सोनभद्र में शिलान्यास होगा। योगी ने कहा कि यूपी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
2014 से अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की शुरुआत
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में केंद्र में सरकार बनने के बाद ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक बनाने का काम शुरू हुआ। यूपी सरकार ने भी इसी प्रेरणा से काम किया। प्रयागराज में एक कार्यक्रम में मुख्य न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स की बात कही थी। इसके बाद सरकार ने एक साथ 10 जिलों में कॉम्प्लेक्स के लिए स्वीकृति दी। पूर्व मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल के सहयोग का भी आभार जताया।
चंदौली के अधिवक्ताओं को दिया था आश्वासन
योगी ने याद किया कि चंदौली के जनप्रतिनिधि और अधिवक्ता लगातार आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने बार एसोसिएशन को लखनऊ बुलाकर कहा था कि प्रोजेक्ट स्वीकृत हो गया है। सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। न्यायिक कार्य में योगदान दीजिए, पूरा सहयोग मिलेगा। अब उच्च न्यायालय के साथ मिलकर यह कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा।
अब टूटे चैंबर नहीं, हाईराइज बिल्डिंग में चैंबर
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में चंदौली समेत छह जिलों के लिए धनराशि जारी हो गई है। डिजाइन अप्रूव हो चुके हैं और एलएंडटी जैसी बड़ी संस्थाएं निर्माण कार्य करेंगी। नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स में एक ही छत के नीचे कोर्ट, अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास, कैंटीन, पार्किंग, खेल सुविधाएं और अन्य आधुनिक व्यवस्थाएं होंगी। योगी ने कहा कि पहले अधिवक्ता के टूटे चैंबर में वादकारी को सूरज के दर्शन होते थे, लेकिन अब हाईराइज बिल्डिंग में चैंबर होंगे।
सुशासन का लक्ष्य: न्याय सहज और सुलभ
सीएम ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब न्यायिक सुविधाएं सुदृढ़ हों। आम आदमी को सहजता से न्याय मिलना चाहिए। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होना जरूरी है। यूपी में न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है।
यह ऐलान चंदौली में न्यायिक सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ पूरे प्रदेश में न्यायपालिका को आधुनिक बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अधिवक्ताओं और आम नागरिकों के लिए यह बड़ा राहत भरा कदम है।

