गया, बिहार: बिहार के गया जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। वजीरगंज थाना क्षेत्र के जमुआवां गाँव में एक माँ ने अपने 15 महीने के दुधमुंहे बच्चे की गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मासूम को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से उसे पटना रेफर किया गया है। बच्चे की हालत नाजुक बनी हुई है। पति का दावा है कि पत्नी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है, लेकिन अभी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
मासूम पर माँ का क्रूर हमला
अमर उजाला के अनुसार, घटना शनिवार, 28 जून 2025 की है। बच्चे के पिता निशांत कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी जुली कुमारी से चाय बनाने को कहकर काम में व्यस्त थे। जुली किचन में गईं, और उनका 15 महीने का बेटा हर्षवीर भी उनके पीछे चला गया। अचानक बच्चे की चीख सुनकर निशांत दौड़े, तो देखा कि हर्षवीर खून से लथपथ जमीन पर पड़ा है, और उसकी गर्दन पर चाकू से गहरा घाव था। जुली ने ही घर में रखे चाकू से बच्चे पर हमला किया था। निशांत तुरंत बच्चे को लेकर मगध मेडिकल कॉलेज पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखकर उसे पटना रेफर कर दिया।
पति का दावा: मानसिक असंतुलन
निशांत ने बताया कि जुली का मानसिक संतुलन लंबे समय से ठीक नहीं है। उनकी शादी बिना पूरी जानकारी के कराई गई थी। शादी के बाद जुली कई बार बिना बताए घर छोड़कर भाग चुकी हैं। निशांत का कहना है कि इस घटना के पीछे उनकी पत्नी की मानसिक स्थिति जिम्मेदार हो सकती है। हालाँकि, इस दावे की पुष्टि के लिए पुलिस और चिकित्सकीय जाँच जरूरी है।
पुलिस की कार्रवाई
वजीरगंज एसडीपीओ सुनील कुमार पांडेय ने बताया कि इस घटना की जानकारी मिली है, लेकिन अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। पुलिस ने प्रारंभिक जाँच शुरू कर दी है और मामले की तह तक जाने के लिए तथ्य जुटाए जा रहे हैं। जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
एक मासूम की जिंदगी का सवाल
यह घटना मातृत्व की पवित्रता को कलंकित करती है और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज की उदासीनता को उजागर करती है। एक माँ द्वारा अपने मासूम पर ऐसा क्रूर हमला क्यों? क्या समय रहते जुली की मानसिक स्थिति का इलाज हो पाता, तो यह त्रासदी टल सकती थी? यह मामला न केवल कानूनी जाँच की माँग करता है, बल्कि समाज से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता की अपील भी करता है।

