नई दिल्ली: रेल पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और व्यावहारिक कदम उठाया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को देशभर में सुविधाजनक रेल अंडरपास (पुलियाएं) बनाने के निर्देश दिए हैं। यह फैसला उन जगहों को ध्यान में रखकर लिया गया है जहां एक तरफ बस्ती है और दूसरी तरफ खेत, स्कूल, श्मशान या अन्य जरूरी स्थान हैं और लोग रोजाना जान जोखिम में डालकर पटरियां पार करते हैं।
रेल मंत्री का सख्त निर्देश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली में संबंधित अधिकारियों की एक विशेष वर्कशॉप में कहा कि ऐसी जगहों पर रेल पुलियाएं बनाई जाएंगी जहां बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के काम के लिए पटरियां पार करते हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ये पुलियाएं आम आदमी के लिए “जीवनदायी विकल्प” बनें।
पुलियाओं का डिजाइन इस प्रकार होगा कि लोग साइकिल, मोटरसाइकिल और काम से जुड़ी अन्य चीजों को आसानी से ले जा सकें। रेल मंत्री का लक्ष्य है कि अगले 5-6 वर्षों में पटरी पार करते समय होने वाली दुर्घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग जाए।
12 घंटे में लग जाएगी पुलिया
रेल मंत्री ने कहा कि पुलियाओं का डिजाइन इतना सुगम और व्यावहारिक होना चाहिए कि इन्हें मात्र 12 घंटे के ब्लॉक में लगाया और इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा सके। पुलिया भूमिगत (अंडरपास) होगी और इसका स्ट्रक्चर पहले से तैयार करके साइट पर लाया जाएगा। ब्लॉक लेने के बाद पुरानी पटरी काटकर नई पुलिया लगा दी जाएगी।
खास बात यह है कि पुलिया का डिजाइन ऐसा होगा कि उसमें जल भराव की समस्या न हो और लोगों को इसे इस्तेमाल करने में कोई हिचक न रहे।
क्यों जरूरी है यह योजना?
भारतीय रेलवे के अनुसार, देश में कई जगहों पर लोग बिना फुट ओवरब्रिज या अंडरपास के पटरियां पार करते हैं, जिससे हर साल सैकड़ों दुर्घटनाएं होती हैं। रेल मंत्री का मानना है कि व्यवस्था संवेदनशील होनी चाहिए और आम आदमी की रोजमर्रा की समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना चाहिए, जो आने वाले कई दशकों तक प्रभावी रहे।
यह योजना उन इलाकों में सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगी जहां बस्ती और खेत/स्कूल/श्मशान के बीच केवल रेल पटरी है। रेल मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से लागू करें।
रेल मंत्रालय का यह फैसला रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों की जान बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

