बरेली: नगर निगम की सीमा में जल्द शामिल होंगे ये तीन गांव; महापौर ने शासन को भेजा प्रस्ताव, सुविधाओं और विकास की उम्मीद

Bareilly News: बरेली नगर निगम ने बदायूं रोड पर करगैना-करेली और पीलीभीत रोड पर धौरेरा माफी को सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। महापौर उमेश गौतम के मुताबिक मंजूरी मिलते ही इन गांवों में सड़क, पानी, सीवर, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। स्थानीय लोगों को शहर का विकास और बेहतर जीवन स्तर मिलने की उम्मीद है।

Samvadika Desk
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नगर निगम बरेली (इमेज - सोशल मीडिया)
Highlights
  • बरेली नगर निगम में शामिल होंगे तीन नए गांव!
  • महापौर का प्रस्ताव शासन को भेजा, मंजूरी का इंतजार!
  • सड़क, पानी, सीवर-लाइट: गांवों को मिलेंगी शहर की सुविधाएं!

बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली शहर तेजी से फैल रहा है और उसकी आबादी भी लगातार बढ़ रही है। इसी को देखते हुए नगर निगम प्रशासन ने शहर की सीमा विस्तार का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। बदायूं रोड पर स्थित करगैना और करेली तथा पीलीभीत रोड पर बसा धौरेरा माफी – इन तीन गांवों को जल्द ही बरेली नगर निगम की सीमा में शामिल किया जा सकता है। नगर निगम बोर्ड ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलते ही इन गांवों की तस्वीर बदलने लगेगी।

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मौजूदा स्थिति और वर्तमान चुनौतियां

बरेली नगर निगम में फिलहाल 80 वार्ड हैं और आबादी करीब 11 लाख है। लेकिन शहर से सटे ये तीनों गांव अघोषित रूप से महानगर क्षेत्र का हिस्सा बन चुके हैं। यहां बड़ी संख्या में कॉलोनियां बस चुकी हैं, प्रॉपर्टी डीलर सक्रिय हैं और शिक्षण संस्थान भी बढ़ रहे हैं। फिर भी इन गांवों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है – सड़कें टूटी-फूटी हैं, पानी और सीवर की समस्या बनी हुई है, स्ट्रीट लाइट नहीं हैं और कचरा प्रबंधन भी ठीक नहीं है। सुनियोजित विकास न होने से यहां के लोग शहर की सुविधाओं से वंचित हैं।

नगर निगम में शामिल होने के बाद इन गांवों की आबादी (करीब 12 हजार से अधिक) को शहर की सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), सड़क, पानी, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी योजनाओं का लाभ मिलेगा। हालांकि, इन सुविधाओं के बदले हाउस टैक्स, वाटर टैक्स आदि देने होंगे और ग्रामीण योजनाएं जैसे वीबी जी राम जी बंद हो जाएंगी।

प्रस्ताव शासन को भेजा, जल्द मंजूरी की उम्मीद

महापौर उमेश गौतम ने अमर उजाला के रिपोर्टर को बताया कि शहर के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नगर निगम बोर्ड ने तीनों गांवों को शामिल करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर शासन को भेज दिया है। शासन से मंजूरी मिलते ही इन गांवों में सुनियोजित विकास शुरू हो जाएगा। महापौर ने कहा कि इससे न केवल बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि प्रॉपर्टी की कीमतें भी बढ़ेंगी और क्षेत्र का जीवन स्तर बेहतर होगा।

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स्थानीय लोगों की उम्मीदें और प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासी अरविंद गुर्जर ने कहा, “नगर निगम में शामिल होने से करगैना में सुविधाएं बढ़ेंगी। सड़क, पानी, बिजली और सफाई व्यवस्था ठीक हो जाएगी।” सतेंद्र पाल सिंह ने बताया, “डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, बेहतर सड़कें और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। गांव का विकास तेज होगा।”

शहर के विस्तार का हिस्सा

बरेली में महानगर क्षेत्र अघोषित रूप से काफी बढ़ चुका है। मुख्य शहर से दूर कई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। रेल और सड़क सुविधा को देखते हुए प्रॉपर्टी डीलर और बिल्डर सक्रिय हैं। इन तीन गांवों को शामिल करने से शहर का विस्तार और सुनियोजित होगा।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह कदम शहर के समग्र विकास का हिस्सा है। शासन से मंजूरी मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। बरेली के इन तीन गांवों की तस्वीर जल्द ही बदलने वाली है – गांव से शहर की ओर एक कदम और।

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