पणजी, गोवा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दक्षिण गोवा के कैनाकोना में श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ के 550वें स्थापना वर्ष ‘सार्ध पंचशतामनोत्सव’ के दौरान भगवान राम की एशिया की सबसे ऊंची 77 फुट कांस्य प्रतिमा का भव्य अनावरण किया। चारों तरफ “जय श्री राम” के गगनभेदी नारे गूंज उठे। इस अवसर पर रामायण थीम पार्क गार्डन का उद्घाटन, विशेष डाक टिकट और स्मृति सिक्का जारी करने के साथ ही हजारों श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए PM मोदी ने सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिकता पर जोर दिया। यह ऐतिहासिक आयोजन 20 सितंबर 2025 को देशभर में सुर्खियां बटोर रहा है।
विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार की कृति
भगवान राम की यह भव्य प्रतिमा पूरी तरह कांसे की बनी है और इसकी ऊंचाई 77 फुट है। इसे देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मभूषण राम वी. सुतार ने बनाया है, जिन्होंने गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी बनाई थी। प्रतिमा की भव्यता और कारीगरी देखते ही बनती है। इसके साथ ही मठ परिसर में बना रामायण थीम पार्क गार्डन भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का नया केंद्र बनेगा।
550 साल पुराना वैष्णव मठ
श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगाली जीवोत्तम मठ भारत का पहला गौड़ सारस्वत ब्राह्मण वैष्णव मठ है। 13वीं शताब्दी में जगद्गुरु मध्वाचार्य द्वारा स्थापित द्वैत संप्रदाय का यह प्रमुख केंद्र है। कुशवती नदी के तट पर बसा यह मठ 550 वर्षों से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक रहा है। उत्सव समिति के संयुक्त संयोजक एस मुकुंद कामत ने बताया कि 11 दिवसीय उत्सव में 1.2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। शंकर महादेवन, अनूप जलोटा सहित कई प्रसिद्ध कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
गोवा सीएम ने बताया पर्यटन को बूस्ट
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, “आज गोवा के लोगों की ओर से प्रधानमंत्री जी का हार्दिक स्वागत है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर के बाद अब गोवा में एशिया की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा स्थापित हुई है। यह न केवल आध्यात्मिक महत्व की है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी गोवा के लिए बहुत बड़ा योगदान है।” उन्होंने कहा कि गोवा को सिर्फ पार्टी डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक स्थल के रूप में पहचान दिलाने में यह प्रतिमा मील का पत्थर साबित होगी।
श्रद्धालुओं में उत्साह
कार्यक्रम में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। लोगों ने कहा, “हम प्रधानमंत्री मोदी को देखने और भगवान राम की इस अनुपम प्रतिमा के दर्शन करने आए हैं। गोवा की छवि अब बदल रही है। यह युवाओं और बच्चों के लिए बहुत बड़ा संदेश है कि हमारी संस्कृति कितनी समृद्ध है।” कई श्रद्धालुओं ने बताया कि अयोध्या दूर होने की वजह से वे वहां नहीं जा पाए, लेकिन गोवा में ही भगवान राम के इतने भव्य दर्शन हो गए। विदेशी पर्यटक भी इस भव्यता को देखकर आश्चर्यचकित थे।
एक दिन पहले कर्नाटक में श्रीकृष्ण दर्शन
प्रधानमंत्री मोदी ने गोवा आने से पहले कर्नाटक के उडुपी में श्री कृष्ण मठ में पूजा-अर्चना की थी। वहां करीब एक लाख लोगों के साथ उन्होंने लक्ष्मी कान्त गीता पारायण में भी भाग लिया था। गोवा में भी उनका यह दौरा आध्यात्मिक यात्रा का हिस्सा माना जा रहा है।
गोवा की नई पहचान
यह प्रतिमा और रामायण थीम पार्क न केवल गोवा को धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनाएगा, बल्कि देश-दुनिया में भारत की सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करेगा। पूरे परिसर में “जय श्री राम” के नारे और भक्ति भाव का माहौल रहा। प्रधानमंत्री के संबोधन में रामायण के मूल्यों, एकता और संस्कृति संरक्षण पर जोर दिया गया। यह आयोजन न केवल गोवा, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

