रायचूर, कर्नाटक: कर्नाटक के रायचूर जिले में कृष्णा नदी के गुरजापुर बैराज के पास एक हैरान करने वाली घटना ने सबका ध्यान खींच लिया। एक पति ने आरोप लगाया कि फोटो खींचते समय उसकी पत्नी ने उसे नदी में धक्का दे दिया। यह घटना 12 जुलाई 2025 को हुई, जब दंपती नदी किनारे चट्टानों पर फोटो खींच रहा था। पति की चीखें सुनकर स्थानीय लोगों ने उसे बचा लिया, लेकिन वायरल वीडियो ने इस मामले को सनसनीखेज बना दिया।
फोटो सेशन में हादसा या साजिश?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रायचूर के शक्तिनगर का रहने वाला एक व्यक्ति और उसकी पत्नी, जो यादगीर के वडगेरे तालुका की है, गुरजापुर बैराज के पास फोटो खींचने रुके थे। दोनों नदी के किनारे चट्टानों पर खड़े थे, तभी पति नदी में जा गिरा। वह चट्टान पर फँसकर “बचाओ भाई! पकड़ो उसे!” चिल्लाने लगा। उसने दावा किया कि पत्नी ने उसे धक्का दिया। स्थानीय लोग, बोलेरो चालक, और बैराज कर्मचारी रस्सी की मदद से उसे सुरक्षित निकालने में सफल रहे।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया ड्रामा
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें पति चट्टान पर खड़ा मदद माँग रहा है। पत्नी को यह कहते सुना गया, “मैंने उसे धक्का नहीं दिया, वह खुद फिसल गया।” हैरानी की बात यह है कि बचाव के बाद दोनों को एक साथ बाइक पर घटनास्थल से जाते देखा गया, जिसने लोगों के बीच संदेह और बढ़ा दिया।
स्थानीय लोगों की तत्परता
स्थानीय लोगों ने पति की चीखें सुनकर तुरंत हरकत में आ गए। कुछ ने रस्सी लाकर उसे नदी से बाहर निकाला, जबकि अन्य ने हंगामा होने से रोका। उनकी सूझबूझ ने एक बड़ी अनहोनी टाल दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पति बार-बार पत्नी पर धक्का देने का आरोप लगा रहा था, जिसने इस घटना को और रहस्यमय बना दिया।
पुलिस का रुख, कोई शिकायत नहीं
रायचूर पुलिस ने स्थानीय रिपोर्टर को बताया कि अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि यदि पीड़ित या कोई अन्य शिकायत करता है, तो जाँच शुरू की जाएगी। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस इसकी प्रारंभिक पड़ताल कर रही है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सोशल मीडिया पर बहस
सोशल मीडिया पर इस घटना ने तूफान मचा दिया है। कुछ यूजर्स इसे महज दुर्घटना मान रहे हैं, तो कुछ इसे सुनियोजित साजिश बता रहे हैं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि यदि पत्नी निर्दोष थी, तो पति “पकड़ो उसे!” क्यों चिल्ला रहा था? एक यूजर ने लिखा, “यह कोई हादसा नहीं, बल्कि साजिश लगती है।” दूसरों ने स्थानीय लोगों की तारीफ की, जिन्होंने पति की जान बचाई।
सामाजिक और नैतिक सवाल
यह घटना न केवल दांपत्य जीवन में विश्वास पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटी-सी लापरवाही कैसे बड़ा हादसा बन सकती है। यह समाज से जागरूकता और आपसी भरोसे की माँग करता है, ताकि ऐसी घटनाएँ भविष्य में न हों।

