कोलकाता: घुसपैठियों भारत छोड़ो! शुभेंदु अधिकारी की 3-D नीति से बांग्लादेश बॉर्डर पर भगदड़, सैकड़ों लौटने को मजबूर

West Bengal News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ ‘3-D नीति’ (Detect, Delete & Deport) लागू कर दी है। अब पकड़े गए घुसपैठियों को अदालत में न ले जाकर सीधे बीएसएफ को सौंपा जाएगा। इस नीति के बाद उत्तर 24 परगना के बिथारी-हाकिमपुर सीमा पर सैकड़ों घुसपैठिए स्वेच्छा से वापस लौट रहे हैं। होल्डिंग सेंटर शुरू होते ही दहशत फैल गई है।

Samvadika Desk
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इमेज - ANI/हिन्दुस्तान
Highlights
  • घुसपैठियों पर शुभेंदु अधिकारी का सख्त रुख – भारत छोड़ो!
  • 3-D नीति (Detect, Delete & Deport) लागू, बॉर्डर पर भगदड़!
  • सैकड़ों बांग्लादेशी स्वेच्छा से लौटने को मजबूर!

कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनते ही अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ‘3-D नीति’ (Detect, Delete & Deport) लागू करते हुए अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पहचानने, हटाने और देश निकालने का अभियान तेज कर दिया है। इस नीति का असर अब साफ दिखने लगा है।

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बॉर्डर पर उमड़ा हुजूम, मचा हड़कंप

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को उत्तर 24 परगना जिले के बिथारी-हाकिमपुर सीमा क्षेत्र में सैकड़ों बांग्लादेशी घुसपैठिए अपने देश लौटने के लिए जमा हो गए। पुरुष, महिलाएं और बच्चे समेत बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे, जिससे भगदड़ और अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। अधिकांश लोग कोलकाता और आसपास के इलाकों में मजदूरी, निर्माण कार्य, होटल और घरेलू कामों में लगे थे।

48 घंटे में शुरू हुए होल्डिंग सेंटर

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने महज 48 घंटे पहले मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में दो होल्डिंग सेंटर्स शुरू किए थे, जहां अवैध प्रवासियों को रखा जाना था। इन सेंटर्स के शुरू होते ही घुसपैठियों में दहशत फैल गई और वे स्वेच्छा से बॉर्डर की ओर भागने लगे।

CM शुभेंदु का सख्त संदेश

एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ चेतावनी दी, “जल्दी से जल्दी भारत छोड़कर भाग जाओ, वरना सरकार जो करना है करेगी।” उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठियों को जेल में रखकर मुफ्त भोजन, कपड़े और दवाएं मुहैया कराने का कोई मतलब नहीं है।

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मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हिरासत में लिए गए घुसपैठियों को जल्द से जल्द वापस भेजने की प्रक्रिया तेज की जाए।

अब सीधे BSF को सौंपेगी पुलिस

शुभेंदु अधिकारी सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अब संदिग्ध घुसपैठियों को कोर्ट की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। पुलिस उन्हें सीधे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंप सकेगी। BSF उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि कर बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड (BGB) को सौंप देगा।

घुसपैठियों के मन में होल्डिंग सेंटर का डर

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान सीमा पर लौट रहे लोगों ने बताया कि उन्हें होल्डिंग सेंटर्स में बंद होने का डर सताने लगा था।

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एक महिला तक्लीमा खातून ने कहा, “मैं दो साल पहले घोझाडांगा बॉर्डर से आई थी और घरेलू काम करती थी। मुझे होल्डिंग सेंटर में बंद नहीं होना है, इसलिए अपनी मर्जी से वापस जा रही हूं।”

एक अन्य व्यक्ति शाहिदुल गाजी ने बताया, “मैं तीन साल पहले दलाल की मदद से आया था। राजमिस्त्री का काम करता था। कोई दस्तावेज नहीं है, इसलिए दूसरों की तरह मुझे भी वापस जाना पड़ रहा है।”

कानूनी प्रक्रिया क्या है?

BSF के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, घुसपैठिए को पकड़ने के बाद उसकी पूछताछ की जाती है, उंगलियों के निशान और तस्वीरें ली जाती हैं। इसके बाद BSF बांग्लादेशी अधिकारियों से संपर्क कर औपचारिक रूप से उन्हें वापस भेजती है।

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राज्य सरकार के इस सख्त रुख से पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठ पर लगाम लगाने की कोशिश साफ दिख रही है। इस अभियान से जुड़ी कार्रवाई लगातार जारी है।

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