अलवर/जयपुर, राजस्थान: अलवर की यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती। एक सामान्य टैक्सी का सफर, ड्राइवर से शुरू हुई बातचीत, धीरे-धीरे बढ़ती नजदीकियां और फिर प्यार। लेकिन इस कहानी का मोड़ इतना खतरनाक निकला कि पति को अपनी ही कार में बैठकर अपनी पत्नी और ड्राइवर की साजिश सुननी पड़ी। अब पूरा मामला पुलिस के पास पहुंच गया है और दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कैसे शुरू हुआ सफर और प्यार?
आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, अर्चना अरोड़ा, जो अलवर में रहती है, अपने पति कर्णव खत्री (बैंक मैनेजर) से मिलने के लिए अक्सर जयपुर जाया करती थी। सफर के लिए वह टैक्सी बुक करती थी। एक दिन उसी टैक्सी में ड्राइवर ऋषभ शर्मा था। शुरू में बातचीत सामान्य थी — कितना समय लगेगा, कितनी दूरी है, ट्रैफिक कैसा है। लेकिन धीरे-धीरे बातों का सिलसिला बढ़ता गया। फोन नंबर शेयर हुए, फिर रोज की कॉल्स शुरू हुईं। घंटों फोन पर बात होती और देखते-ही-देखते यह रिश्ता दोस्ती से प्यार में बदल गया।
पति ने खुद सुन ली साजिश
एक दिन कर्णव खत्री जयपुर से अलवर लौट रहे थे। संयोग से टैक्सी वही थी और ड्राइवर भी वही ऋषभ शर्मा। कर्णव पीछे की सीट पर बैठे और कुछ देर बाद सो गए। ऋषभ को लगा कि सवार गहरी नींद में है। उसने तुरंत अर्चना को फोन लगाया। फोन पर बातचीत शुरू हुई और जो बातें हुईं, उन्होंने इस कहानी को पूरी तरह बदल दिया।
ऋषभ ने कहा, “तुम्हारा पति मेरे साथ ही गाड़ी में है… अगर कहो तो आज ही इसे रास्ते से हटा दूं।” पीछे की सीट पर लेटे कर्णव की आंखें खुल चुकी थीं। उन्होंने बिना कुछ बोले पूरी बातचीत अपने फोन में रिकॉर्ड कर ली।
शक से यकीन तक का सफर
इस एक रिकॉर्डिंग ने कर्णव के शक को यकीन में बदल दिया। उन्होंने चुपचाप और सबूत जुटाने शुरू किए। कॉल डिटेल, बातचीत, फोन रिकॉर्डिंग — सब कुछ धीरे-धीरे सामने आने लगा। अब साफ हो चुका था कि यह सिर्फ जान-पहचान नहीं, बल्कि गहरा रिश्ता है। जब कर्णव ने अर्चना से इस बारे में बात की, तो मामला संभलने के बजाय और बिगड़ गया। बातचीत बहस में बदली और बहस विवाद में। रिश्ता अब उस मोड़ पर पहुंच चुका था, जहां से लौटना आसान नहीं था।
कुछ समय बाद अर्चना ने 50 लाख रुपये की मांग की। कर्णव ने इनकार किया तो तनाव और बढ़ गया। अंत में अर्चना एक दिन अचानक घर छोड़कर चली गई। पुलिस के मुताबिक, वह अपने साथ नकदी और जेवरात भी ले गई और बाद में अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई।
पुलिस ने की गिरफ्तारी
मार्च 2026 में कर्णव ने आखिरकार पुलिस का दरवाजा खटखटाया। शिकायत दर्ज हुई, जांच शुरू हुई, लेकिन दोनों का कोई सुराग नहीं मिला। करीब एक महीने बाद अचानक अर्चना और ऋषभ खुद ही अलवर के एसपी ऑफिस पहुंच गए। जैसे ही पुलिस को जानकारी मिली, दोनों को वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेशी हुई, महिला को जेल भेजा गया और आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू हुई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कई पहलुओं की जांच की जा रही है। रिकॉर्डिंग और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
यह कहानी एक बार फिर दिखाती है कि छोटी-छोटी मुलाकातें और रोजमर्रा की बातचीत कैसे एक परिवार को पूरी तरह उजाड़ सकती है। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

