अलीगढ़ में करवाचौथ की रात 12 लुटेरी दुल्हनें फरार: नशीला खाना खिलाकर लूटी लाखों की नकदी और जेवर, पुलिस ने शुरू की जांच

Aligarh News: अलीगढ़ के सासनी गेट में करवाचौथ की रात 12 लुटेरी दुल्हनें नशीला खाना खिलाकर लाखों की नकदी, जेवर और सामान लूटकर फरार हो गईं। पुलिस ने इसे बिहार-झारखंड के संगठित ठगी रैकेट की साजिश बताया और चार FIR दर्ज कर जांच शुरू की। दलालों ने 80 हजार से डेढ़ लाख रुपये लेकर शादियां कराई थीं।

Samvadika Desk
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AI जनित प्रतीकात्मक इमेज
Highlights
  • अलीगढ़: करवाचौथ की रात 12 दुल्हनें नशीला खाना खिलाकर लूटीं, फरार!
  • संगठित ठगी रैकेट: बिहार-झारखंड से लाई गई थीं लुटेरी दुल्हनें!
  • दलालों को दिए गए 80 हजार से डेढ़ लाख, अब फोन बंद, दस्तावेज फर्जी!

अलीगढ़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में करवाचौथ की रात एक ऐसी सनसनीखेज घटना हुई, जिसने 12 परिवारों की खुशियां छीन लीं और रिश्तों पर भरोसे को तार-तार कर दिया। सासनी गेट थाना क्षेत्र के एक गांव में 12 नई-नवेली दुल्हनें अपने ससुराल वालों को नशीला खाना खिलाकर लाखों रुपये की नकदी, जेवर और कीमती सामान लेकर फरार हो गईं। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक संगठित ठगी गिरोह की सुनियोजित साजिश थी। पुलिस ने इसे अब तक की सबसे बड़ी ठगी करार दिया है और चार FIR दर्ज कर बिहार व झारखंड में सक्रिय इस रैकेट की तलाश शुरू कर दी है।

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करवाचौथ की रात भरोसे का कत्ल

करवाचौथ, जो पति-पत्नी के प्यार और विश्वास का त्योहार है, अलीगढ़ के इन 12 परिवारों के लिए मातम की रात बन गया। इन दुल्हनों ने शादी के बाद से ही अपने ससुराल में प्यार और अपनापन दिखाकर सबका दिल जीत लिया था। कोई सास के साथ मंदिर जाती थी, तो कोई पति के साथ खेतों में। करवाचौथ के दिन इन दुल्हनों ने व्रत रखा, मेहंदी लगाई, घर सजाया, और रात को छलनी में चांद दिखाकर पति की आरती उतारी। लेकिन इसके बाद उन्होंने जो चाल चली, उसने सभी को हक्का-बक्का कर दिया।

परिवार वालों के मुताबिक, रात के खाने में इन दुल्हनों ने खुद व्यंजन बनाए और उसमें नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाते ही ससुराल वाले बेहोश हो गए। इसके बाद दुल्हनें अलमारियों और लॉकर से नकदी, सोने-चांदी के जेवर और मोबाइल फोन समेटकर फरार हो गईं। सुबह जब परिवार वालों की नींद खुली, तो घर लुट चुका था और दुल्हनें गायब थीं।

दलालों का रोल, 30 लाख की ठगी

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी दुल्हनें बिहार और झारखंड से लाई गई थीं। इन्हें 3-4 दलालों के नेटवर्क ने उन परिवारों में ब्याहा था, जहां दुल्हन की कमी थी। शादी के लिए दलालों को 80 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक दिए गए थे। दलालों ने दावा किया था कि ये ‘गरीब लेकिन संस्कारी’ लड़कियां हैं। लेकिन जब दुल्हनें फरार हुईं, तो दलालों के फोन भी बंद मिले या किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड पाए गए।

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पुलिस का अनुमान है कि इन 12 दुल्हनों ने मिलकर करीब 30 लाख रुपये की ठगी की, जिसमें नकदी, जेवर और दहेज की रकम शामिल है। एक पीड़ित ने बताया, “शादी को सिर्फ 10 दिन हुए थे। करवाचौथ पर उसने इतने प्यार से पूजा की कि हम भावुक हो गए। लेकिन सुबह सब लुट चुका था।” कई परिवारों ने बताया कि दुल्हनों ने सादगी का दिखावा किया, ताकि किसी को शक न हो।

संगठित ठगी रैकेट का खुलासा

सासनी गेट थाने में चार FIR दर्ज हो चुकी हैं, और पुलिस ने इसे एक संगठित ठगी रैकेट का हिस्सा बताया। एएसपी मयंक पाठक ने कहा, “यह एक सुनियोजित गिरोह है, जो बिहार, झारखंड और पश्चिमी यूपी में सक्रिय है। कई टीमें गठित की गई हैं, और जल्द ही आरोपियों को पकड़ा जाएगा।” पुलिस ने बिहार और झारखंड के कई जिलों में संपर्क साधा है, ताकि इन महिलाओं और दलालों की असली पहचान का पता लगाया जा सके। दलालों के फोटो और दस्तावेज भी जुटाए जा रहे हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह रैकेट उन इलाकों को निशाना बनाता है, जहां लिंगानुपात असंतुलित है और गरीब या उम्रदराज पुरुषों को शादी के लिए दुल्हन नहीं मिलती। ऐसी युवतियों को बहला-फुसलाकर शादी कराई जाती है, और फिर वे भरोसा जीतकर लूटपाट कर फरार हो जाती हैं। पुलिस को शक है कि यह गिरोह पहले भी हाथरस, बुलंदशहर और बदायूं में ऐसी वारदातें कर चुका है।

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भरोसे पर भारी चोट

इस घटना ने न केवल 12 परिवारों की खुशियां छीनीं, बल्कि रिश्तों और भरोसे पर भी गहरी चोट पहुंचाई। गांव में अब भी लोग इस बात से हैरान हैं कि इतनी सफाई से यह ठगी कैसे हो गई। एक पीड़ित ने कहा, “न कोई झगड़ा, न कोई इशारा। सब कुछ इतनी चुपके से हुआ कि भनक तक नहीं लगी।” करवाचौथ की रात, जो प्रेम और विश्वास का प्रतीक थी, इन परिवारों के लिए दर्द और धोखे की रात बन गई।

सामाजिक और कानूनी सवाल

यह घटना समाज में दुल्हन की कमी और दलालों के जरिए होने वाली शादियों पर सवाल उठाती है। ऐसे रैकेट न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि सामाजिक भरोसे को भी तोड़ते हैं। पुलिस अब इस रैकेट के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश में है। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसी ठगी रोकने के लिए शादी से पहले दलालों और दुल्हनों की पूरी जांच होनी चाहिए।

अलीगढ़ की यह घटना अब पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। पुलिस की कार्रवाई और इस रैकेट का पर्दाफाश अब इस बात पर निर्भर करता है कि जांच कितनी तेजी से और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ती है। लेकिन इन 12 परिवारों के लिए करवाचौथ की रात अब कभी न भूलने वाला दर्द बन चुकी है।

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