अयोध्या में केसरिया ध्वज फहराया, पाकिस्तान को मिर्ची लगी: UN से लेकर “इस्लामोफोबिया” तक का रोना

Ram Mandir News: 25 नवंबर को अयोध्या में PM मोदी द्वारा 216 फीट केसरिया ध्वज फहराने पर पाकिस्तान बौखलाया। उसने राम मंदिर को “मुस्लिम विरासत पर हमला” और “इस्लामोफोबिया” बताया, UN से शिकायत की। जबकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मंदिर बना, मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ जमीन मिली। पाकिस्तान में हिंदू मंदिर नष्ट और अल्पसंख्यक दमन की लंबी फेहरिस्त है। भारत जल्द कड़ा जवाब देगा।

Samvadika Desk
4 Min Read
इमेज - सोशल मीडिया
Highlights
  • पाकिस्तान: बाबरी को “सदियों पुरानी मस्जिद” और राम मंदिर को “इस्लामोफोबिया” बताया!
  • सुप्रीम कोर्ट ने माना – बाबरी के नीचे 12वीं सदी का मंदिर था!
  • पाकिस्तान में हिंदू आबादी 1947 के 23% से घटकर

अयोध्या, उत्तर प्रदेश: 25 नवंबर 2025 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य राम मंदिर के गर्भगृह के ऊपर 216 फीट ऊंचे शिखर पर केसरिया धर्म ध्वजा फहराई, तब भारत में करोड़ों रामभक्तों के आंखों में खुशी के आंसू थे। लेकिन इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय की नींद उड़ गई। जिस पाकिस्तान में हिंदू मंदिरों को या तो तोड़ दिया जाता है या उन पर कब्जा कर लिया जाता है, उसी पाकिस्तान ने अब अयोध्या के राम मंदिर को “भारत में मुस्लिम सांस्कृतिक विरासत पर खतरा” बता दिया और संयुक्त राष्ट्र से अपील कर डाली।

- Advertisement -

पाकिस्तान का बयान: झूठ का पुलिंदा

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने बाकायदा बयान जारी कर कहा:

  • राम मंदिर का निर्माण और ध्वजारोहण “भारत में मुस्लिम धरोहर को जानबूझकर मिटाने की कोशिश” है।
  • यह “हिंदुत्व की विचारधारा” और “इस्लामोफोबिया” का हिस्सा है।
  • भारत में मुसलमानों के साथ तेजी से भेदभाव हो रहा है।
  • बाबरी मस्जिद “सदियों पुरानी ऐतिहासिक इबादतगाह” थी जिसे “नष्ट” किया गया।
  • UN और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत में “इस्लामिक विरासत” बचानी चाहिए।

यानी पूरा बयान झूठ, आधा-सच और प्रोपेगैंडा का कॉकटेल।

सच क्या है?

  1. राम मंदिर भारत के सर्वोच्च न्यायालय के 9 नवंबर 2019 के ऐतिहासिक फैसले के बाद बना है।
  2. सुप्रीम कोर्ट ने खुद माना कि बाबरी ढांचे के नीचे 12वीं सदी का मंदिर था जिसे तोड़ा गया था।
  3. कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को अयोध्या में ही 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दी, जहां मस्जिद बन रही है।
  4. केसरिया ध्वजा मंदिर की प्राचीन परंपरा का हिस्सा है – यह किसी के खिलाफ नहीं, भगवान राम के सम्मान का प्रतीक है।

पाकिस्तान की अपनी काली सच्चाई

  • कराची का 150 साल पुराना जागनाथ मंदिर अवैध कब्जे में है।
  • शारदा पीठ (कश्मीर में POJK) – हिंदुओं का प्राचीन तीर्थ, खंडहर बन चुका।
  • रावलपिंडी का मोहन मंदिर – अब मदरसा और दुकानें चल रही हैं।
  • लाहौर का कृष्ण मंदिर – टूटकर खत्म।
  • 1947 में पाकिस्तान में हिंदू-सिख आबादी 23% थी, आज 2% से भी कम।
  • हर साल दर्जनों हिंदू और सिख लड़कियों का जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह।

और यही पाकिस्तान भारत को “अल्पसंख्यक सुरक्षा” का पाठ पढ़ा रहा है!

- Advertisement -

संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही पाकिस्तान की पोल खोल दी थी

24 जुलाई 2025 को UN मानवाधिकार विशेषज्ञों ने पाकिस्तान को फटकार लगाई थी:

  • अहमदिया, हिंदू, सिख, ईसाई समुदायों पर बढ़ते हमले।
  • धर्म के नाम पर हत्याएं, उत्पीड़न, बलात्कार।
  • सरकार की मिलीभगत और दोषियों को सजा न मिलने का पैटर्न।
  • “पाकिस्तान को नफरत फैलाने वालों पर तुरंत लगाम लगानी चाहिए।”

भारत ने अभी तक मुंहतोड़ जवाब नहीं दिया, लेकिन…

विदेश मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के इस बयान का कड़ा जवाब तैयार हो रहा है। संभावना है कि भारत पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की बदतर स्थिति, हिंदू मंदिरों के विनाश और जबरन धर्मांतरण के आंकड़े UN में रखेगा।

अंत में…

अयोध्या में केसरिया ध्वज सिर्फ एक झंडा नहीं है – यह 500 साल की तपस्या, सुप्रीम कोर्ट का न्याय और करोड़ों भारतीयों की आस्था का प्रतीक है।
जिस पाकिस्तान में हिंदुओं के मंदिर तक सुरक्षित नहीं, वह राम मंदिर की ध्वजा देखकर जल-भुन क्यों रहा है – यह पूरी दुनिया समझ रही है।

- Advertisement -

पाकिस्तान का रोना बंद होने वाला नहीं, लेकिन रामलला का मंदिर और उसकी धर्म ध्वजा अब अयोध्या के आकाश में हमेशा लहराएगी।
जय श्री राम!

Share This Article