बरेली, उत्तर प्रदेश: नए वित्तीय वर्ष (अप्रैल 2026 से शुरू) में बरेली जंक्शन होकर दो नई वंदे भारत और तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू होने की संभावना तेज हो गई है। उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे ने इन ट्रेनों के रूट का सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। इनमें वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी शामिल है। साथ ही एक अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन अप्रैल के अंत तक शुरू हो सकता है।
वर्तमान स्थिति और नए प्रस्ताव
फिलहाल बरेली होकर देहरादून-लखनऊ, सहारनपुर-गोमती नगर और मेरठ-वाराणसी वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। अमृत भारत एक्सप्रेस में बापूधाम मोतिहारी-आनंद विहार, हावड़ा-आनंद विहार और छपरा-अमृतसर शामिल हैं। लेकिन उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र – काठगोदाम, लालकुआं, रामनगर और टनकपुर – अभी तक वंदे भारत और अमृत भारत से जुड़ नहीं पाए हैं। इन जगहों से जयपुर, दिल्ली, आगरा, मुंबई, बंगलूरू और अमृतसर जैसी प्रमुख दिशाओं के लिए ऐसी ट्रेनों की मांग लंबे समय से चली आ रही है।
हालिया फैसला और सर्वे
रेलवे ने हाल ही में अमृतसर-न्यू जलपाईगुड़ी विशेष गाड़ी (04653-54) को नियमित दर्जा देते हुए अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में नए नंबर 14664-63 से चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन अप्रैल के अंत तक नियमित रूप से दौड़ेगी। सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा ने अमर उजाला के रिपोर्टर को बताया कि इज्जतनगर मंडल से वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव तैयार है। इन ट्रेनों के रूट का सर्वे शुरू हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इनका संचालन शुरू होने की मजबूत उम्मीद है।
कुमाऊं क्षेत्र के लिए खास महत्व
काठगोदाम, लालकुआं, रामनगर और टनकपुर से देश के कई बड़े शहरों के लिए एक्सप्रेस ट्रेनें चलती हैं, लेकिन वंदे भारत और अमृत भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों से ये इलाके अभी अछूते हैं। इन ट्रेनों के शुरू होने से कुमाऊं के पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बहुत बड़ा बढ़ावा मिलेगा। पर्यटक तेज और आरामदायक सफर के साथ कुमाऊं पहुंच सकेंगे।
बरेली जंक्शन की भूमिका
बरेली जंक्शन इन नई ट्रेनों का महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा। यहां से यात्रियों को उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों और दिल्ली-एनसीआर तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। रेलवे इन ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म, वाशिंग लाइन और अन्य सुविधाओं को अपग्रेड करने की तैयारी भी कर रहा है।
यह खबर बरेली और कुमाऊं क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी सौगात है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों के संचालन से यात्रा समय कम होगा, सुरक्षा बढ़ेगी और पर्यटन को नई गति मिलेगी। अब सबकी नजरें रेलवे बोर्ड की अंतिम मंजूरी और सर्वे रिपोर्ट पर टिकी हैं।

