बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली का ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित बरेली कॉलेज अब केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने की ओर बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए कॉलेज प्रबंधन से विस्तृत प्रस्ताव (प्रपोजल) मांग लिया है। यह मांग गुरुवार को संयुक्त सचिव शकील अहमद सिद्दीकी की ओर से भेजे गए पत्र के जरिए की गई। प्राचार्य और प्रबंध समिति सचिव को कॉलेज से जुड़ा पूरा डेटा और जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस खबर से कॉलेज में खुशी का माहौल है और सभी स्तर पर उत्साह देखा जा रहा है।
लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की ओर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग कई सालों से चली आ रही है। कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी, छात्र और पूर्व छात्र अलग-अलग मंचों से यह मांग उठाते रहे हैं। एमएलसी बहोरन लाल मौर्य और एमएलसी साकेत मिश्र ने विधान परिषद में इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। उन्होंने विधान परिषद सचिव को प्रस्ताव भेजा कि बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए।
इसके अलावा कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने भी विधानसभा में भाषण के दौरान इस मांग को दोहराया था। कॉलेज कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में लंबे समय तक हड़ताल, अनशन और प्रदर्शन हुए। विद्यार्थी संगठनों ने भी कई बार इस मुद्दे को मुखरता से उठाया। अब शासन स्तर से प्रस्ताव मांगने के बाद यह मांग अंतिम चरण में पहुंच गई है।
कॉलेज की खासियतें और महत्व
बरेली कॉलेज उत्तर प्रदेश के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित महाविद्यालयों में से एक है। लाल भवन के नाम से मशहूर यह संस्थान ऐतिहासिक महत्व रखता है। यहां सभी प्रमुख विषयों में उच्च शिक्षा दी जाती है। हजारों छात्र-छात्राएं यहां पढ़ते हैं। प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों और जिलों से भी छात्र यहां आते हैं। कॉलेज में सभी संकाय, प्रोफेसर, छात्रावास और अन्य सुविधाएं मौजूद हैं।
एमएलसी बहोरन लाल मौर्य और साकेत मिश्र ने अपने प्रस्ताव में कहा कि कॉलेज में सभी जातियों के छात्र-छात्राएं समान रूप से शिक्षा ग्रहण करते हैं। इसकी महत्ता को देखते हुए इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाना जरूरी है।
डेटा जुटाने का काम शुरू
शासन के पत्र मिलते ही प्राचार्य और प्रबंध समिति सचिव ने डेटा जुटाने का काम शुरू कर दिया है। इसमें कॉलेज की स्थापना का इतिहास, छात्र संख्या, संकाय, सुविधाएं, भवन, भूमि और अन्य जानकारी शामिल होगी। यह डेटा शासन को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगे की प्रक्रिया चलेगी।
खुशी का माहौल, उम्मीदें बढ़ीं
कॉलेज में इस खबर से खुशी का माहौल है। शिक्षक, कर्मचारी और छात्र सभी उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने से कॉलेज को बेहतर फंडिंग, सुविधाएं, फैकल्टी और रैंकिंग में सुधार होगा। बरेली के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली या दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
यह प्रस्ताव बरेली के लिए बहुत बड़ी सौगात साबित हो सकता है। अगर यह मंजूर हो जाता है, तो ऐतिहासिक लाल भवन की तकदीर बदल जाएगी और बरेली शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाई छूएगा। अब सबकी नजरें शासन से आने वाले अगले कदम पर टिकी हैं।

