शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक अनोखी और हैरान करने वाली घटना ने सबको चौंका दिया। निगोही थाना क्षेत्र के रामनगर गाँव में एक पति, मनोज, ने अपनी पत्नी रूबी की शादी उसके प्रेमी कौशल से करवा दी। रूबी को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देखने के बाद मनोज ने यह कदम उठाया। उसने दोनों बच्चों को रूबी के मायके भेज दिया और खुद अकेले घर लौट आया।
15 साल पुराना रिश्ता
मनोज की शादी 15 साल पहले पीलीभीत की रूबी से हुई थी। दंपती के एक बेटा और एक बेटी है। वैवाहिक जीवन सामान्य चल रहा था, लेकिन कुछ महीने पहले रूबी का पड़ोस के गाँव के कौशल से प्रेम संबंध शुरू हो गया। मनोज को जब इसकी भनक लगी, तो उसने रूबी को डाँटा और परिवार पर ध्यान देने की हिदायत दी। कुछ समय तक सब ठीक रहा, लेकिन रूबी का प्रेम प्रसंग रुका नहीं।
बेडरूम में प्रेमी संग पकड़ी गई
एक दिन, जब मनोज बाहर था, रूबी ने कौशल को घर बुला लिया। अचानक लौटे मनोज ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देखा, जिससे वह गुस्से से आगबबूला हो गया। उसने तुरंत रूबी के मायके वालों को बुलाया और सारी बात बताई। मनोज ने कहा कि रूबी की शादी कौशल से करा दी जाए, वरना वह भविष्य में कोई अनहोनी कर सकती है।
समझौता और शादी
रूबी के परिवार ने पहले इसका विरोध किया और उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन रूबी कौशल के साथ रहने की जिद पर अड़ी रही। आखिरकार, मनोज और रूबी ने आपसी सहमति से एक समझौता पत्र लिखा, जिसमें रिश्तेदारों के हस्ताक्षर हुए। इसमें साफ लिखा था कि दोनों की सहमति से रूबी की शादी कौशल से हो रही है और अब मनोज व रूबी का कोई रिश्ता नहीं रहेगा। एक कॉपी रूबी ने, एक मनोज ने रखी, और एक पुलिस को दी गई।
विदाई और बच्चों का मायका
मनोज ने रूबी की शादी कौशल से कराई और उसे विदा कर दिया। अपने दोनों बच्चों को उसने रूबी के मायके भेज दिया और खुद अकेले घर लौट आया। इस अनोखी शादी ने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। लोग मनोज के इस फैसले पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं, कुछ उसकी उदारता की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ रिश्तों की नाजुकता पर सवाल उठा रहे हैं।
पुलिस का रुख
निगोही पुलिस ने मीडिया रिपोर्टर को बताया कि यह मामला आपसी सहमति का है। दोनों पक्षों ने लिखित समझौता किया है, और कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। इसलिए पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। पुलिस ने समझौता पत्र को रिकॉर्ड में रख लिया है और मामले पर नजर रख रही है।
सामाजिक और भावनात्मक सवाल
यह घटना रिश्तों में विश्वास, बेवफाई, और व्यक्तिगत फैसलों पर गहरी बहस छेड़ती है। मनोज का अपनी पत्नी की शादी करवाना और बच्चों को मायके भेजना उनके दुख और उदारता का मिश्रण दर्शाता है। यह समाज से रिश्तों में पारदर्शिता, संवाद, और आपसी समझ की माँग करता है। साथ ही, यह बच्चों के भविष्य और पारिवारिक जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाता है। इस मामले ने समाज में प्रेम, विश्वासघात, और परिवार की परिभाषा को फिर से परखने की जरूरत को सामने लाया है।

