बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली के कैंट थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है। मात्र 18 वर्षीय कोमल, जो छह महीने पहले ही प्रेम विवाह करके ससुराल आई थी, का शव अपने कमरे में फंदे से लटका मिला। मृतका के मायके पक्ष ने पति अमित पर दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
प्रेम विवाह के बाद शुरू हुई परेशानी
मीडिया जानकारी के मुताबिक, कोमल बरेली कॉलेज में पढ़ाई करती थी। यहीं उसकी मुलाकात बिहार निवासी अमित से हुई। दोनों में प्रेम हो गया और उन्होंने परिवार की सहमति से शादी कर ली। शादी के बाद दोनों सुभाषनगर क्षेत्र के शांति बिहार में किराए के मकान में रह रहे थे। कोमल के पिता प्रदीप मिश्रा ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही अमित दहेज की मांग करने लगा था। इसी प्रताड़ना के कारण कोमल काफी परेशान रहती थी।
सोमवार रात मिला शव
परिजनों का आरोप है कि सोमवार रात कोमल का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही मायके वाले मौके पर पहुँचे और उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस जांच में जुटी
सुभाष नगर थाना प्रभारी सतीश कुमार नैन ने बताया कि पुलिस फिलहाल मामले की जाँच कर रही है। आरोपी पति अमित को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है।
परिवार में मातम
कोमल की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। परिजनों का कहना है कि प्रेम विवाह के बाद भी दहेज की मांग और प्रताड़ना ने उनकी बेटी की जिंदगी बर्बाद कर दी। गाँव और इलाके में इस घटना को लेकर गुस्सा है। लोग पुलिस से सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
सामाजिक सवाल
यह घटना प्रेम विवाह, दहेज प्रताड़ना और महिलाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है। प्रेम के नाम पर शादी करने के बाद भी अगर घरेलू हिंसा जारी रहे, तो युवतियों की स्थिति कितनी नाजुक हो जाती है, यह मामला उसकी मिसाल है। पुलिस की जाँच का इंतजार है कि आखिर कोमल की मौत आत्महत्या थी या हत्या।
आगे की प्रक्रिया
पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। यदि हत्या साबित हुई तो आरोपी पर सख्त धाराएँ लगाई जाएंगी। यह प्रकरण परिवारों से संवाद और युवाओं से सावधानी की माँग करता है।

