संतकबीरनगर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक मुस्लिम युवती ने स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाकर अपने हिंदू प्रेमी से वैदिक रीति-रिवाज से शादी रचा ली। घटना धनघटा थाना क्षेत्र के कड़जी रुस्तमपुर गांव की है। युवती का नाम रेहाना खातून था, जिसे अब लाडली रखा गया है। शादी गांव के शिव मंदिर में हुई, जिसमें ग्रामीण गवाह बने। हालांकि, परिवार ने इसे ‘भगाकर ले जाना’ बताया और थाने में शिकायत दर्ज कराई। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया है और पुलिस गश्त कर रही है।
दो साल पुराना था प्रेम संबंध
रेहाना और बबलू मौर्या के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बबलू बैडाड़ी गांव का निवासी है, जो रेहाना के गांव से महज डेढ़ किलोमीटर दूर है। वह खेती-बाड़ी करता है। रेहाना के परिवार ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी और 28 अक्टूबर को बारात आने वाली थी। इससे पहले ही रेहाना घर से निकली और बबलू के साथ मंदिर पहुंच गई।
मंदिर में वैदिक मंत्रों से हुई शादी
गांव के शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों ने सात फेरे लिए। रेहाना ने दुल्हन के रूप में साड़ी और मंगलसूत्र पहना। शादी की रस्में पूरी होने के बाद उसका नाम लाडली रखा गया। रेहाना ने सोशल मीडिया पर शादी की तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिसमें वह स्पष्ट रूप से कह रही है कि उसने अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन किया और शादी की। उसने कहा, “मुझे बचपन से सनातन धर्म पसंद था। मैं बालिग हूं और अपने फैसले खुद ले सकती हूं। मुझ पर कोई दबाव नहीं था।”
परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी की FIR
रेहाना के लापता होने पर परिजनों ने बबलू मौर्या पर बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप लगाया और धनघटा थाने में एफआईआर दर्ज कराई। शादी और धर्म परिवर्तन की खबर मिलते ही परिवार में आक्रोश फैल गया। परिजन इसे अपमानजनक बता रहे हैं और रेहाना को वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
गांव में तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद गांव में दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया। किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। धनघटा थानाध्यक्ष जयप्रकाश दुबे ने बताया, “स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। गश्त बढ़ा दी गई है और किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”
यह मामला एक बार फिर प्रेम, धर्म परिवर्तन और सामाजिक स्वीकृति के जटिल मुद्दों को सामने ला रहा है। रेहाना ने अपनी इच्छा जताई है, लेकिन परिवार और गांव की परंपराएं इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं दिख रही हैं। पुलिस फिलहाल शांति बनाए रखने में जुटी है।

