बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज में गणित के प्रवक्ता वशिष्ठ मुनि ने प्रेमिका की लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सुसाइड नोट में प्रेमिका श्वेता और उसके दो भाइयों पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने शनिवार को इस आधार पर प्रेमिका और उसके भाइयों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह घटना पूरे जिले में सनसनी मचा रही है।
फाँसी लगाकर दी जान
जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, वशिष्ठ मुनि शुक्रवार को अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। देर रात जब उनके स्वजन वहाँ पहुँचे, तो उनका शव लटका हुआ मिला। पुलिस के अनुसार, कमरे से दो पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने साफ लिखा कि श्वेता ने उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी। वह उनका इस्तेमाल कर रही थी और लगातार टॉर्चर करती थी।
सुसाइड नोट में किए खुलासे
सुसाइड नोट में वशिष्ठ मुनि ने लिखा कि श्वेता उन्हें जेल भेजने की धमकी देती थी। उसके भाई प्रिंस और शुभम ने उनसे पैसे ऐंठे थे। वशिष्ठ के पिता राजबली ने बताया कि श्वेता महाराजगंज के नौतनवा में रहती है। उसने वशिष्ठ को जाल में फँसाया और फिर मानसिक उत्पीड़न शुरू कर दिया।
तहरीर पर दर्ज हुआ केस
पिता राजबली की तहरीर पर श्वेता अग्रहरि और उसके दो भाइयों प्रिंस व शुभम के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद वशिष्ठ मुनि का शव उनके पिता को सौंप दिया गया। वशिष्ठ गोरखपुर के रहने वाले थे और बरेली के राजकीय इंटर कॉलेज में गणित के प्रवक्ता के रूप में कार्यरत थे।
परिवार में मातम
वशिष्ठ मुनि की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। परिजनों का कहना है कि प्रेमिका और उसके भाइयों की प्रताड़ना ने उन्हें इस कदम के लिए मजबूर किया। गाँव और इलाके में इस घटना को लेकर गुस्सा है। लोग पुलिस से सख्त कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।
पुलिस की जाँच जारी
पुलिस अब पूरे मामले की गहन जाँच कर रही है। सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना प्रेम के नाम पर धोखाधड़ी और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करती है।

