लखनऊ: लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां 12वीं पास हस्साम अहमद नाम के युवक ने खुद को डॉक्टर बताकर MBBS की खासकर हिंदू छात्राओं को निशाने पर लिया।
KGMU प्रशासन और छात्राओं की सतर्कता से आरोपी को पकड़ लिया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले में लव जिहाद व ठगी के एंगल से गहन जांच शुरू कर दी है।
कैसे करता था जाल?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी हस्साम अहमद खुद को KGMU का डॉक्टर बताता था। वह छात्राओं से दोस्ती करता, उनके मोबाइल नंबर हासिल करता और सोशल मीडिया पर मेडिकल कॉलेज के डीन व अधिकारियों की फोटोज लगाकर विश्वास जीतता।
उसने कार्डियो सेवा फाउंडेशन (Cordio Seva Foundation) नाम की फर्जी संस्था बनाई थी। इसके जरिए वह छात्राओं को करियर, सम्मान और मेडिकल कैंप्स का लालच देता। कई छात्राओं को दिल्ली ले जाने तक की प्लानिंग कर ली गई थी।
जांच में पता चला कि आरोपी करीब 50 MBBS छात्राओं के संपर्क में था, जिनमें से 8 उसके जाल में फंस चुकी थीं। वह उन्हें मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में मेडिकल कैंप्स के नाम पर ले जाता था।
क्या निकला पूछताछ में?
पुलिस पूछताछ में हस्साम अहमद ने बताया कि वह शिया पीजी कॉलेज से सिर्फ 12वीं पास है। उसने साथियों के साथ मिलकर पैसा कमाने के लिए यह फाउंडेशन बनाया था। एक साल में फाउंडेशन का तेजी से विस्तार हुआ और आगे अस्पताल खोलने की भी योजना थी।
आरोपी ने पूछताछ में KGMU के चार डॉक्टरों के नाम भी लिए हैं, जिससे पुलिस को बड़े नेटवर्क की आशंका हो रही है। उसके मोबाइल में फर्जी दस्तावेज और नकली लेटर भी बरामद हुए हैं।
कैसे पकड़ा गया आरोपी?
जब KGMU प्रशासन को संदेह हुआ तो उन्होंने छात्राओं की मदद से जाल बिछाया। छात्राओं ने आरोपी को कैंपस में पकड़ा और प्रशासन को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ठगी, फर्जी दस्तावेज बनाने और छात्राओं के साथ गलत इरादे रखने के आरोप में FIR दर्ज कर ली है। फिलहाल छात्राओं से भी विस्तार से पूछताछ की जा रही है ताकि आरोपी का पूरा मकसद सामने आ सके।
KGMU प्रशासन ने छात्राओं से अपील की है कि वे किसी भी अजनबी पर बिना जांच के भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि देखते ही तुरंत सूचित करें।

