लखीमपुर खीरी: प्यार ने तोड़ी धर्म की दीवार, रुखसाना बनी रूबी, जासमीन बनी चांदनी, मंदिर में प्रेमियों संग रचाई शादी

UP News: लखीमपुर खीरी में रुखसाना और जासमीन ने हिंदू प्रेमियों रामप्रवेश और सर्वेश के लिए हिंदू धर्म अपनाकर मंदिर में शादी रचाई। रुखसाना रूबी और जासमीन चांदनी बन गईं। पंचायत में सहमति के बाद वैदिक रीति से शादी हुई, लेकिन गाँव में तनाव रहा।

Samvadika Desk
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इमेज - सोशल मीडिया
Highlights
  • रुखसाना बनी रूबी, जासमीन बनी चांदनी, मंदिर में रचाई शादी!
  • लखीमपुर खीरी में दो बहनों ने प्रेम के लिए तोड़ा धर्म का बंधन!
  • रूबी ने रामप्रवेश, चांदनी ने सर्वेश संग लिए सात फेरे!

लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश: लखीमपुर खीरी में दो सगी बहनों ने प्रेम के लिए मजहब की दीवार तोड़ दी। रुखसाना और जासमीन ने अपने हिंदू प्रेमियों रामप्रवेश और सर्वेश के साथ मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचाई। दोनों ने धर्म परिवर्तन कर रुखसाना का नाम रूबी और जासमीन का नाम चांदनी रखा।

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प्रेम और पंचायत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पढ़ुआ थाना क्षेत्र के बैरिया गाँव की रहने वाली रुखसाना और जासमीन का प्रेम संबंध गाँव के ही रामप्रवेश और सर्वेश मौर्य से था। रविवार देर रात दोनों बहनें चुपके से अपने प्रेमियों के घर पहुँच गईं और शादी की जिद पर अड़ गईं। इससे गाँव में हड़कंप मच गया। परिजनों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन दोनों टस से मस नहीं हुईं। मामला दो धर्मों से जुड़ा होने के कारण तनाव बढ़ा, और गाँव में पंचायत बुलाई गई।

पंचायत में सहमति

पंचायत में शुरू में सहमति नहीं बनी, और विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। हालांकि, दोनों युवतियों की उम्र की जाँच के लिए उनके आधार कार्ड और शैक्षिक प्रमाणपत्रों की पड़ताल की गई, जिससे साबित हुआ कि दोनों बालिग हैं। इसके बाद पंचायत में फैसला लिया गया कि दोनों की शादी उनके प्रेमियों के साथ कराई जाए। गाँव वालों ने इस निर्णय का समर्थन किया, और मंदिर में शादी की तैयारियाँ शुरू हो गईं।

मंदिर में सात फेरे

सोमवार को गाँव के मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण और शुद्धिकरण के साथ दोनों जोड़ों की शादी हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई। रुखसाना ने हिंदू धर्म अपनाकर अपना नाम रूबी रखा और रामप्रवेश मौर्य से शादी की। वहीं, जासमीन ने चांदनी बनकर सर्वेश मौर्य के साथ सात फेरे लिए। शादी देखने के लिए गाँव वालों की भारी भीड़ जुट गई, और माहौल उत्सव जैसा हो गया।

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परिजनों और गाँव की प्रतिक्रिया

पूर्व प्रधान लखपत पांडेय ने बताया कि दोनों प्रेमी युगल बालिग हैं और उन्होंने राजी-खुशी से शादी की। वैदिक रीति से शुद्धिकरण के बाद दोनों बहनों ने नए नाम अपनाए और अपने प्रेमियों के साथ नया जीवन शुरू किया। गाँव में शुरू में तनाव था, लेकिन पंचायत के फैसले के बाद स्थिति शांत हो गई। ग्रामीणों ने इस अनोखी शादी को उत्साह के साथ देखा।

पुलिस का रुख

पढ़ुआ थानाध्यक्ष विवेक कुमार उपाध्याय ने स्थानीय रिपोर्टर को बताया कि धार्मिक रीति-रिवाज से शादियाँ सामान्य हैं। इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। फिर भी, गाँव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है और नियमित गश्त कर रही है। पुलिस का कहना है कि अगर कोई विवाद सामने आता है, तो उचित कार्रवाई की जाएगी।

सामाजिक और धार्मिक सवाल

यह घटना प्रेम, धर्म परिवर्तन, और सामाजिक स्वीकृति जैसे मुद्दों को उजागर करती है। रुखसाना और जासमीन का अपनी मर्जी से धर्म बदलकर शादी करना उनके साहस को दर्शाता है, लेकिन यह गाँव में धार्मिक संवेदनशीलता को भी सामने लाता है। यह मामला समाज से धार्मिक सहिष्णुता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता, और परिवारों से संवाद की माँग करता है। यह प्रेम कहानी न केवल व्यक्तिगत, बल्कि सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गई है।

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