Railway News: इज्जतनगर मंडल के 53 स्टेशनों पर लगेगा कवच 4.0, 660 किमी रेलखंड पर बढ़ेगी सुरक्षा

Railway News: इज्जतनगर मंडल के 53 स्टेशनों और करीब 660 किलोमीटर रेलखंड पर कवच 4.0 लगाने की मंजूरी मिल गई है। करीब 295 करोड़ रुपये की इस परियोजना में कई प्रमुख रेल रूट शामिल हैं। कवच 4.0 ट्रेन की गति और सिग्नल की निगरानी कर जरूरत पड़ने पर स्वत: ब्रेक लगाने में मदद करेगा।

Samvadika Desk
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रेल्वे ट्रैक
Highlights
  • इज्जतनगर मंडल के 53 स्टेशनों पर कवच 4.0 लगाने की मंजूरी मिली!
  • 660 किलोमीटर रेलखंड पर अब आधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का कवच होगा!
  • सिग्नल की अनदेखी और तेज रफ्तार की स्थिति में कवच अतिरिक्त सुरक्षा देगा!

बरेली: रेल यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल में स्वदेशी कवच 4.0 प्रणाली लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे बोर्ड ने मंडल के करीब 660 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर इस आधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। परियोजना पर करीब 295 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

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रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, कवच 4.0 के लागू होने से ट्रेन परिचालन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। यह प्रणाली ट्रेन की गति, सिग्नल और परिचालन से जुड़ी परिस्थितियों पर लगातार नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर स्वत: ब्रेक लगाकर दुर्घटना की आशंका को कम करने में मदद करती है।

53 स्टेशनों को कवच 4.0 से जोड़ा जाएगा

इज्जतनगर मंडल में कवच 4.0 परियोजना के तहत कुल 53 स्टेशनों को शामिल किया गया है। इन स्टेशनों और संबंधित रेलखंडों पर आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य ट्रेन परिचालन के दौरान लोको पायलट और रेलवे नियंत्रण व्यवस्था को अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार, कवच एक स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। आवश्यकता पड़ने पर यह ट्रेन को नियंत्रित करने और स्वत: ब्रेक लगाने में मदद करती है। इससे सिग्नल की अनदेखी या निर्धारित गति से अधिक तेज चलने जैसी परिस्थितियों में दुर्घटना का जोखिम कम किया जा सकता है।

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कवच सिस्टम कैसे करेगा काम?

कवच प्रणाली ट्रेन और रेलवे ट्रैक से जुड़े महत्वपूर्ण परिचालन संकेतों पर नजर रखने के लिए तैयार की गई है। यदि किसी परिस्थिति में ट्रेन की गति नियंत्रित करना जरूरी हो और समय रहते ऐसा नहीं किया जाता, तो सिस्टम हस्तक्षेप कर ट्रेन को रोकने या उसकी गति कम करने में मदद कर सकता है।

इस तकनीक का मकसद मानवीय भूल की स्थिति में भी अतिरिक्त सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इससे ट्रेन संचालन के दौरान टक्कर और अन्य गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कासगंज से इज्जतनगर तक 12 स्टेशन होंगे कवर

कवच 4.0 लगाने की योजना में अलग-अलग रेलखंडों को शामिल किया गया है। कासगंज से इज्जतनगर के बीच 12 स्टेशनों को इस प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

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इसके अलावा इज्जतनगर से काठगोदाम रेलखंड के नौ स्टेशन, लालकुआं-रामपुर के बीच पांच स्टेशन और लालकुआं-काशीपुर के बीच चार स्टेशन इस परियोजना का हिस्सा होंगे।

रामनगर, टनकपुर और पीलीभीत रूट भी शामिल

योजना के तहत रामनगर-कटघर रेलखंड के पांच स्टेशनों पर भी कवच प्रणाली लगाई जाएगी। वहीं भोजीपुरा-टनकपुर रेलखंड के नौ स्टेशन इसके दायरे में आएंगे।

इसके अलावा पीलीभीत-शाहजहांपुर के चार और पीलीभीत-मैलानी के चार स्टेशनों को भी कवच 4.0 से लैस किया जाएगा।

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इज्जतनगर मंडल के अलावा परियोजना में कानपुर के मंधना जंक्शन-ब्रह्मावर्त रेलखंड का एक स्टेशन भी शामिल किया गया है।

ट्रेन परिचालन की निगरानी होगी और मजबूत

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि कवच 4.0 लागू होने के बाद इन रेलखंडों पर ट्रेन परिचालन की निगरानी और संरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी। आधुनिक तकनीक के जरिए लोको पायलट को अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी और रेलवे नियंत्रण प्रणाली को भी बेहतर तरीके से ट्रेनों की निगरानी करने में मदद मिलेगी।

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295 करोड़ रुपये की परियोजना से बढ़ेगी रेल सुरक्षा

करीब 295 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना इज्जतनगर मंडल में रेल सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 660 किलोमीटर रेलखंड और 53 स्टेशनों को कवर करने वाली इस व्यवस्था से यात्रियों के लिए सुरक्षित रेल यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में रेलवे को बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

कवच 4.0 के विस्तार के साथ रेलवे का लक्ष्य तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है, ताकि ट्रेन परिचालन में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा कवच उपलब्ध रहे।

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