संभल, उत्तर प्रदेश: हरिद्वार से बुर्का पहनकर कांवड़ लेकर चलने वाली संभल की तमन्ना मलिक इन दिनों सोशल मीडिया और समाचारों में छाई हुई हैं। उनके वीडियो वायरल होने के बाद कई तरह के सवाल और बहसें शुरू हो गईं। लेकिन अब तमन्ना ने ‘आज तक’ से खुलकर अपनी पूरी कहानी बता दी है। उन्होंने कहा कि वह अपने पति अमन त्यागी के साथ पूरी तरह खुश हैं और यह कांवड़ यात्रा उनकी मन्नत पूरी होने का नतीजा है।
मन्नत पूरी होने पर उठाई कांवड़
तमन्ना ने बताया कि उन्होंने भगवान से अमन त्यागी से शादी करने की मन्नत मांगी थी। जब उनकी शादी हो गई और मन्नत पूरी हुई, तो उन्होंने हरिद्वार से कांवड़ लाने का संकल्प लिया। महाशिवरात्रि के अवसर पर वे संभल के छैमनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगी। तमन्ना ने कहा कि वह अपने पति के साथ मिलकर यह यात्रा पूरी कर रही हैं और उन्हें हर कदम पर उनका पूरा साथ मिल रहा है।
महिलाओं को दिया खुला संदेश
बुर्के में कांवड़ उठाने को लेकर उठ रहे सवालों पर तमन्ना ने साफ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि जो बहन चाहे, वह बुर्के में कांवड़ ला सकती है। किसी पर कोई बंदिश नहीं है। अगर कोई बहन किसी बंदिश में है और सनातन धर्म में आना चाहती है, तो वह बेखौफ होकर आ सकती है – उसका कोई कुछ नहीं कर सकता। तमन्ना का यह बयान काफी चर्चा में है।
यात्रा में मिली पुलिस सुरक्षा
तमन्ना ने मीडिया पत्रकार को बताया कि शुरू में जब पुलिस प्रशासन साथ नहीं था, तब थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन अब पूरी सुरक्षा मिल रही है। पुलिस और प्रशासन उनकी मदद कर रहा है। कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है। संभल में प्रवेश करते ही भारी भीड़ उनकी एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ी। महिलाएं और लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उत्सुक दिखे। कई महिलाओं ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया और पैसे भी भेंट किए।
संभल में सेलिब्रिटी जैसा स्वागत
संभल जिले में प्रवेश करते ही माहौल अलग ही था। लोग उन्हें सेलिब्रिटी की तरह देख रहे हैं। रास्ते में भारी भीड़ उमड़ रही है। कुछ समय के लिए उन्होंने विश्रामगृह में आराम किया, लेकिन तब भी लोग उनसे मिलने को बेताब रहे। मुस्लिम समुदाय के कुछ युवक भी टोपी पहने उनके साथ फोटो खिंचवाते और सेल्फी लेते नजर आए।
पति अमन त्यागी ने दिया पूरा साथ
तमन्ना के पति अमन त्यागी भी पूरी यात्रा में उनके साथ हैं। अमन ने कहा कि बुर्के में हों या बिना बुर्के के, उन्हें हर जगह सम्मान मिला है। प्रशासन ने हर कदम पर सहयोग दिया। हालांकि जहां प्रशासन मौजूद नहीं था, वहां थोड़ी दिक्कत जरूर हुई। अमन ने बताया कि दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। बातचीत के बाद दोनों ने गांव से भागकर शादी की थी। शादी के एक साल बाद वे गांव लौटकर रहने लगे। दूसरे समुदाय के लोगों और आसपास के मुस्लिम गांवों के लोगों ने उनकी शादी का विरोध किया था। संभल में 85 प्रतिशत मुस्लिम आबादी होने के कारण उन्हें धमकियां भी मिलीं, लेकिन उस समय भी प्रशासन ने साथ दिया।
महाशिवरात्रि पर होगा जलाभिषेक
तमन्ना और अमन असमोली में रुकने के बाद संभल के छैमनाथ मंदिर में कांवड़ चढ़ाएंगे। तमन्ना के पैरों में छाले हैं, लेकिन उनके मुंह पर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे हैं। सीओ कुलदीप सिंह ने कहा कि कांवड़ियों को किसी तरह की ट्रैफिक या सुरक्षा संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था की गई है। तमन्ना की यात्रा को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
बुर्के में कांवड़ लेकर चलने वाली तमन्ना मलिक की यह यात्रा आस्था, साहस और सामाजिक चर्चा का मिश्रण बन चुकी है। उनकी यह यात्रा आगे बढ़ रही है और महाशिवरात्रि पर छैमनाथ मंदिर में जलाभिषेक के साथ पूरी होगी।

