संभल, उत्तर प्रदेश: संभल में सीओ कुलदीप सिंह के हालिया बयान पर विवाद तेज हो गया है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने सीओ से जवाब-तलब किया है और पूछा है कि किन परिस्थितियों में यह बयान दिया गया। सीओ ने सफाई दी है कि उनका बयान ‘शरारती तत्वों’ के लिए था, किसी धर्म या जाति के लिए नहीं। इस बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सीओ पर तीखा हमला बोला और कहा कि वे इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जुबान में बोल रहे हैं।
क्या था सीओ का बयान?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को बनियाठेर थाना क्षेत्र में जुमा अलविदा की नमाज को लेकर पीस कमेटी की बैठक हुई थी। बैठक में सीओ कुलदीप सिंह ने कहा था कि अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का असर संभल में नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को दिक्कत हो रही है तो वह विमान में बैठकर ईरान चले जाएं, जो भारतीय लोगों को लेने जा रहा है। ईरान जाकर लड़ाई लड़ें, लेकिन शहर में कानून व्यवस्था प्रभावित हुई तो हम ‘बढ़िया इलाज’ कर देंगे।
सीओ ने आगे कहा कि जिन देशों में युद्ध चल रहा है, उनके अपने मुद्दे हैं, वे खुद हल कर लेंगे। दुनिया में 56 मुस्लिम देश हैं, वे देखेंगे। हम हिंदुस्तानी हैं और सुकून से रह रहे हैं। उन्होंने 24 नवंबर 2024 के बवाल का भी जिक्र किया और कहा कि संभल अभी तक मुख्य धारा में नहीं आया है। इसलिए आपसी सौहार्द और शांति बनाए रखें।
एसपी ने क्यों मांगा स्पष्टीकरण?
सीओ का यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि सीओ ने पीस कमेटी के दौरान किन परिस्थितियों में यह बयान दिया था, इसका स्पष्टीकरण मांगा गया है। इससे सही स्थिति की जानकारी हो सके। एसपी ने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत रखना पुलिस की प्राथमिकता है।
सीओ की सफाई
सीओ कुलदीप सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान पीस कमेटी में ‘शरारती तत्वों’ के लिए था। उन्होंने कहा कि किसी धर्म या जाति के लिए बयान नहीं दिया गया। मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।
ओवैसी का तीखा हमला
AIMIM राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सीओ के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। अपने एक्स हैंडल पर वीडियो जारी कर ओवैसी ने कहा कि संभल के डीएसपी नेतन्याहू की जुबान में बोल रहे हैं। बैठक में मुसलमानों को बैठाते हैं और ईरान के पक्ष में इस्राइल का विरोध करने पर धमकी देते हैं। ओवैसी ने आगे कहा कि अगर इस्राइल के पक्ष में जुलूस निकला तो डीएसपी जय जयकार के नारे लगाएंगे। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और पूछा कि युद्ध से दो दिन पहले पीएम क्यों मिलने गए थे। AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने भी सोशल मीडिया पर सीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक और सामाजिक हलचल
सीओ के बयान को लेकर राजनीतिक दलों और संगठनों में तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश बता रहे हैं, तो कुछ इसे भड़काऊ करार दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और स्थिति को नियंत्रित रखा जा रहा है।
यह घटना संभल में हाल के बवालों के बाद कानून व्यवस्था और धार्मिक संवेदनशीलता के मुद्दे को फिर से उजागर कर रही है। एसपी ने स्पष्टीकरण मांगकर मामले को शांत करने की कोशिश की है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी से विवाद बढ़ता दिख रहा है।

