बलरामपुर, उत्तर प्रदेश: दिल्ली के लाल किले के पास कार ब्लास्ट की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तुरंत सक्रिय हो गए। वे बलरामपुर के देवीपाटन मंदिर में ब्रह्मलीन महंत को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे, लेकिन घटना की सूचना पर वहीं से सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया। रात आधी तक डीजीपी, मुख्य सचिव और डीजी इंटेलिजेंस के साथ वर्चुअल मीटिंग की। अयोध्या, काशी और मथुरा के डीएम-कमिश्नरों से सीधी बातचीत की और मंदिरों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के सख्त निर्देश दिए।
देवीपाटन से ही संभाला मोर्चा
सीएम योगी भारत-नेपाल सीमा से सटे देवीपाटन मंदिर में संत सम्मेलन में थे। शाम को डीजी इंटेलिजेंस से दिल्ली ब्लास्ट की जानकारी मिली, जो यूपी से जुड़े आतंकी मॉड्यूल से लिंक थी। तुरंत डीजीपी, मुख्य सचिव और इंटेलिजेंस प्रमुख को वर्चुअली जोड़ा। सीएम ने काशी विश्वनाथ, मथुरा-वृंदावन और अयोध्या के मंदिरों की सुरक्षा दोगुनी करने का आदेश दिया। तीनों शहरों के डीएम और कमिश्नरों को मौके पर पहुंचकर निगरानी करने को कहा।
आधी रात तक पल-पल की मॉनिटरिंग
रात करीब 12 बजे तक सीएम मंदिर से ही मीटिंग करते रहे। उन्होंने सभी 75 जिलों के डीएम-एसपी को हाई अलर्ट पर रखा और संवेदनशील स्थानों पर गहन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। कहा, “किसी भी हाल में सुरक्षा में चूक नहीं होनी चाहिए। संदिग्धों की गहन जांच के बाद ही मंदिरों में प्रवेश दें।” सीएम ने खुद डीजीपी को जरूरी संसाधन तुरंत उपलब्ध कराने को कहा।
तीनों धार्मिक नगरी में फुलप्रूफ सुरक्षा
- अयोध्या: राम मंदिर और हनुमान गढ़ी पर विशेष निगरानी, अतिरिक्त फोर्स तैनात।
- काशी: विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर में बैरिकेडिंग, ड्रोन सर्विलांस।
- मथुरा: कृष्ण जन्मभूमि और बांके बिहारी मंदिर पर चौकसी बढ़ाई।
सीएम ने सुरक्षा एजेंसियों को एक्टिव मोड पर रखा और हर कदम की फीडबैक ली। यह कार्रवाई दिल्ली ब्लास्ट के यूपी कनेक्शन को देखते हुए उठाई गई, ताकि प्रदेश में कोई अनहोनी न हो।

