गुरु नानक प्रकाशोत्सव: सीएम योगी ने सिखों के धर्मांतरण पर जताई चिंता, समाज से की जांच की अपील

UP News: लखनऊ में गुरु नानक प्रकाशोत्सव पर सीएम योगी ने सिखों के धर्मांतरण (पीलीभीत, खीरी आदि) पर चिंता जताई, समाज से जांच की अपील की। गुरु नानक को निर्भीक समाज सुधारक बताया, काबा घटना और एकता संदेश का जिक्र। 500 साल पुराना संदेश आज प्रासंगिक, स्मृतियों को नमन।

Samvadika Desk
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (इमेज - फेसबुक)
Highlights
  • लखनऊ: गुरु नानक 556वें प्रकाश पर्व पर योगी का संबोधन!
  • सिखों के धर्मांतरण पर चिंता, गंभीर विषय!
  • भारत की व्यवस्था गुरु की नींव पर खड़ी!

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की। उन्होंने सिख समाज के लोगों के धर्मांतरण को गंभीर चिंता का विषय बताया और समाज से अपील की कि पीलीभीत, खीरी, उधम सिंह नगर, रामनगर जैसे क्षेत्रों में जाकर वजह पता करें। योगी ने गुरु नानक देव को समाज के एकजुट करने वाले महान संत बताया, जिन्होंने बाबर की बर्बरता के दौर में भी निर्भीक होकर लोगों को जोड़ा।

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सिखों के धर्मांतरण पर अपील

सीएम योगी ने कहा कि आज सिख समाज के लोग धर्म बदल रहे हैं, जो चिंताजनक है। पीलीभीत, खीरी, उधम सिंह नगर और रामनगर से ऐसी खबरें आ रही हैं। उन्होंने सिख समाज से अनुरोध किया कि इन इलाकों में जाएं, कारण जानें और गुरु का संदेश पहुंचाएं। योगी ने गुरु नानक की काबा वाली प्रसिद्ध घटना का जिक्र किया, जहां गुरु ने कहा था, “जिधर ईश्वर न हो, उधर पैर कर लूं।” उन्होंने गुरु को निर्भीक और समाज सुधारक बताया, जिन्होंने बिना दबाव के एकता का संदेश दिया।

गुरु नानक का संदेश प्रेरणा स्रोत

मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 साल पहले गुरु नानक देव ने समाज संगठन, मूल्यों और आदर्शों की स्थापना का दिव्य संदेश दिया, जो आज भी प्रासंगिक है। भारत की सामाजिक-नैतिक व्यवस्था उसी नींव पर खड़ी है। कार्यक्रम में योगी ने गुरु की स्मृतियों को नमन किया। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, “जो बोले सो निहाल! सत श्री अकाल! सिख पंथ के प्रथम गुरु के प्रकाश पर्व पर लखनऊ में सहभागिता कर पावन स्मृतियों को नमन किया।”

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