नासिक धर्मांतरण कांड: जिस मकान में छिपी थी निदा खान, उस पर चलेगा बुलडोजर? नगर निगम ने भेजा नोटिस, जांच में बड़ा खुलासा

Nashik Religious Conversion Case: नासिक धर्मांतरण कांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी निदा खान के छिपने वाले मकान को नगर निगम ने अवैध घोषित कर नोटिस जारी किया है। पुलिस जांच में पार्षद मतीन पटेल की भूमिका सामने आई है। मामले में ब्रेनवॉश, फर्जी दस्तावेज और युवती को मलेशिया भेजने की साजिश जैसे गंभीर आरोपों की जांच जारी है।

Samvadika Desk
4 Min Read
निदा खान (इमेज - सोशल मीडिया)
Highlights
  • नासिक धर्मांतरण कांड में निदा खान के ठिकाने पर बुलडोजर की तैयारी!
  • धर्मांतरण केस में पार्षद मतीन पटेल जांच के घेरे में!
  • अवैध निर्माण पर नगर निगम का नोटिस, बढ़ी राजनीतिक हलचल!

छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र: नासिक के चर्चित धर्मांतरण मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है। मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद नगर निगम ने उस मकान को अवैध घोषित कर दिया है, जहाँ वह छिपी हुई थी। मकान पर तीन दिन में तोड़ने का नोटिस चस्पा कर दिया गया है। इस पूरे प्रकरण में पार्षद मतीन पटेल का नाम भी सामने आया है, जिसने निदा को मकान दिलवाने में मदद की थी। पुलिस अब इस नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है।

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मकान मालिकों का दावा

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जाँच में पता चला कि नाहरेगाँव इलाके का यह मकान हनीफ खान और सैयद सरवर के नाम पर है। दोनों ने इसे करीब 23 लाख रुपये में खरीदा था। मकान मालिकों का कहना है कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि किराएदार नासिक धर्मांतरण कांड की मुख्य आरोपी निदा खान है। उन्होंने बताया कि मतीन पटेल ने उन्हें कहा था कि उनके कुछ मेहमान कुछ दिनों के लिए रुकने वाले हैं, इसलिए मकान किराए पर दिया गया। लेकिन पुलिस जाँच में खुलासा होने के बाद पूरा मामला बदल गया।

पार्षद मतीन पटेल भी जांच के घेरे में

शुरुआत में चर्चा थी कि मकान मतीन पटेल का है, लेकिन बाद में जाँच में सामने आया कि वह सिर्फ मध्यस्थ की भूमिका में था। पुलिस ने मतीन पटेल को सह-आरोपी बनाकर मामले में शामिल किया है। नगर निगम ने मतीन पटेल के ऑफिस को भी अवैध निर्माण मानते हुए नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।

धर्मांतरण और ब्रेनवॉश का आरोप

यह पूरा मामला कथित धर्मांतरण और धोखाधड़ी से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी दानिश ने अपनी पहचान छिपाकर एक युवती से दोस्ती की। बाद में पता चला कि वह पहले से शादीशुदा है। पीड़िता के वकील मिलिंद कुरकुटे के अनुसार, निदा खान ने युवती का ब्रेनवॉश किया। उसने युवती को धार्मिक तौर-तरीके अपनाने, हिजाब पहनने और कलमा पढ़ने की ट्रेनिंग दी। युवती का नाम बदलकर ‘हानिया’ रख दिया गया और नए दस्तावेज बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।

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मलेशिया भेजने की साजिश?

सरकारी वकील अजय मिसर ने कोर्ट में बताया कि यह मामला सिर्फ धर्मांतरण तक सीमित नहीं है। आशंका है कि मालेगाँव के कुछ लोगों की मदद से दस्तावेज तैयार कर युवती को मलेशिया भेजने की साजिश रची जा रही थी। पुलिस अब इस एंगल से भी जाँच कर रही है कि पूरे नेटवर्क के तार कहाँ तक फैले हुए हैं।

कोर्ट ने दी पुलिस हिरासत

गिरफ्तारी के बाद निदा खान को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। सुनवाई के दौरान पता चला कि निदा खान प्रेग्नेंट है। इस आधार पर कोर्ट ने उसकी माँ को दिन में दो बार मिलने की अनुमति दे दी। माँ रोज सुबह और शाम तय समय पर निदा से मिल सकेगी और जरूरी दवाइयाँ भी ले जा सकेगी।

निदा के वकील का बयान

निदा खान के वकील एडवोकेट राहुल कासलीवाल ने सभी आरोपों को खारिज किया। हालांकि, उन्होंने पुलिस रिमांड का विरोध नहीं किया और कहा कि तीन दिन की पुलिस हिरासत पर कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस अब पूरे मामले की गहन जाँच कर रही है और अन्य संदिग्धों की तलाश में छापेमारी जारी है।

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महाराष्ट्र में सनसनी

यह मामला महाराष्ट्र में धर्मांतरण, धोखाधड़ी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को फिर से उजागर कर रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों में आक्रोश है। प्रशासन और पुलिस दोनों इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं। निदा खान की गिरफ्तारी और मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई ने पूरे प्रकरण को नया आयाम दे दिया है।

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