एसी कोच में अब अवैध या वेटिंग टिकट वाले यात्रियों की खैर नहीं! AI कैमरे करेंगे रियल-टाइम निगरानी, टीटीई के टर्मिनल पर तुरंत अलर्ट

National News: भारतीय रेलवे ने एसी कोचों में अवैध और वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को पकड़ने के लिए 'रियल-टाइम ऑक्यूपेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम' (ROMS) लागू करने का फैसला किया है। AI आधारित कैमरे फेस स्कैनिंग, चार्ट मिलान और हेड काउंट से उल्लंघन पकड़ेंगे। टीटीई के टर्मिनल पर तुरंत अलर्ट मिलेगा। वंदे भारत, राजधानी और शताब्दी से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। इससे आरक्षित यात्रियों को बेहतर सुविधा, सुरक्षा और पारदर्शिता मिलेगी।

Samvadika Desk
3 Min Read
स्लीपर वंदे भारत
Highlights
  • एसी कोच में अवैध यात्रियों की अब खैर नहीं!
  • AI कैमरे करेंगे रियल-टाइम निगरानी और फेस स्कैनिंग!
  • वेटिंग टिकट या बिना टिकट पर तुरंत अलर्ट टीटीई को!

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे अब एसी कोचों में अवैध और वेटिंग टिकट वाले यात्रियों की घुसपैठ को पूरी तरह खत्म करने की तैयारी में है। रेलवे बोर्ड ने ‘रियल-टाइम ऑक्यूपेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम’ (ROMS) लागू करने का फैसला किया है। यह AI आधारित सीसीटीवी कैमरे होंगे, जो कोच के अंदर ‘डिजिटल टीटीई’ की तरह काम करेंगे और किसी भी नियम उल्लंघन को तुरंत पकड़ लेंगे।

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तीन स्तरों पर काम करेगा सिस्टम

रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया रिपोर्टर को बताया कि यह सिस्टम तीन स्तरों पर काम करेगा:

  1. फेस स्कैनिंग और प्रवेश द्वार पर निगरानी
    कोच के दरवाजों पर लगे हाई-डेफिनिशन 4K कैमरे हर प्रवेश करने वाले यात्री का चेहरा स्कैन करेंगे। यह डेटा तुरंत रेलवे के सेंट्रलाइज्ड पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) से मिलान किया जाएगा। अगर चेहरा उस कोच के किसी बर्थ के लिए आरक्षित यात्री से मेल नहीं खाता, तो सिस्टम उसे संदिग्ध मान लेगा।
  2. चार्ट इंटीग्रेशन
    AI सिस्टम उस कोच के डिजिटल चार्ट से जुड़ा रहेगा। अगर कोई यात्री बिना वैध टिकट या वेटिंग टिकट पर बैठा है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट कर देगा।
  3. हेड काउंट और स्टे-ड्यूरेशन ट्रैकिंग
    अगर कोई यात्री अपनी सीट पर नहीं बैठा है और गलियारे या शौचालय के पास लंबे समय तक खड़ा रहता है (जो आमतौर पर वेटिंग टिकट वाले करते हैं), तो AI उसकी रुकने की अवधि को ट्रैक करेगा और संदिग्ध गतिविधि की सूचना देगा।

यह सिस्टम कम रोशनी में भी 99.8% सटीकता के साथ काम करता है।

टीटीई को तुरंत अलर्ट, जीरो मानवीय हस्तक्षेप

सिस्टम में जीरो मानवीय हस्तक्षेप की नीति रखी गई है। जैसे ही अवैध यात्री की पहचान होती है, कोच में ड्यूटी पर मौजूद टीटीई के हैंडहेल्ड टर्मिनल पर बीप के साथ यात्री की फोटो और उसकी सटीक लोकेशन फ्लैश हो जाएगी। टीटीई तुरंत वहां पहुंचकर कार्रवाई करेगा।

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पहले इन ट्रेनों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

रेलवे बोर्ड ने प्रोटोटाइप को मंजूरी दे दी है। शुरुआत में वंदे भारत एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों में इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। बाद में अन्य प्रीमियम ट्रेनों में भी इसे लागू किया जाएगा।

यात्रियों को क्या फायदा?

  • आरक्षित यात्रियों को वाकई में प्रीमियम अनुभव मिलेगा।
  • अवैध यात्रियों की वजह से होने वाली भीड़ और असुविधा खत्म होगी।
  • चोरी और सुरक्षा संबंधी खतरे 90% तक कम हो जाएंगे।
  • चेक-इन और टिकट चेकिंग प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो जाएगी।

रेलवे का कहना है कि इसका मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि आरक्षित श्रेणी के यात्रियों को वह सुविधा और सुरक्षा देना है, जिसके लिए उन्होंने टिकट खरीदा है। यह तकनीक रेल यात्रा को और सुरक्षित, पारदर्शी और आरामदायक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जल्द ही वंदे भारत और राजधानी जैसी ट्रेनों में यह सिस्टम देखने को मिलेगा।

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