राजकोट, गुजरात: गुजरात के राजकोट से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां 21 वर्षीय नंदिनी आनंदभाई बोसमिया ने कथित रूप से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने न केवल उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि पूरे इलाके में भी चर्चा और चिंता का विषय बन गई है। आत्महत्या से पहले नंदिनी द्वारा सोशल मीडिया पर लिखा गया संदेश—”पापा, मैं जिंदगी की जंग हार गई हूं”—उसकी मानसिक स्थिति और अंदरूनी पीड़ा को बयां करता है।
राजकोट में किराए के मकान में रह रही थी नंदिनी
नंदिनी मूल रूप से गुजरात के जेतपुर स्थित नवागढ़ क्षेत्र की रहने वाली थी। उसने कॉलेज तक शिक्षा प्राप्त की थी और अपने परिवार में सबसे बड़ी संतान थी। परिवार में उसकी दो बहनें और एक भाई हैं। बताया जाता है कि वह पिछले कुछ महीनों से राजकोट के गोंडल रोड स्थित आगमन सिटी इलाके में किराए के मकान में रह रही थी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस आत्महत्या के कारणों की हर पहलू से पड़ताल कर रही है।
शादीशुदा युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी
जानकारी के अनुसार, नंदिनी जूनागढ़ निवासी असलम नामक युवक के साथ प्रेम संबंध में थी। असलम पहले से शादीशुदा था और उसका एक बेटा भी है। अक्टूबर 2025 में नंदिनी अपने घर से निकलकर असलम के साथ रहने लगी थी। दोनों ने राजकोट में किराए का मकान लिया और लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे।
हालांकि इस रिश्ते को दोनों परिवारों की ओर से स्वीकार नहीं किया गया था। रिश्ते को लेकर लगातार विवाद और तनाव बना हुआ था। बताया जाता है कि कुछ महीने पहले इस संबंध को लेकर हिंसक घटना भी हुई थी, जिसमें नंदिनी पर हमला किया गया था। उस मामले में पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
अंतिम संदेश ने परिवार को तोड़ दिया
नंदिनी की मौत के बाद उसके परिवार ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थी। आत्महत्या से पहले उसने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश पोस्ट किया था, जिसमें उसने अपने पिता से मानो अंतिम विदाई ली थी।
परिवार का दावा है कि नंदिनी लगातार परेशानियों का सामना कर रही थी और अपने जीवन को लेकर बेहद निराश हो चुकी थी। उसके पिता का आरोप है कि उसे लंबे समय से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी, जिसके कारण वह टूट गई और अंततः आत्मघाती कदम उठा लिया।
बहन ने लगाए गंभीर आरोप
मृतका की बहन रूपल ने इस मामले में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नंदिनी ने अपने अंतिम दिनों में कई बार बताया था कि वह अत्यधिक मानसिक दबाव में है। रूपल के अनुसार, नंदिनी ने यह भी बताया था कि उसके सोने-चांदी के गहने गिरवी रख दिए गए थे और वह आर्थिक तथा भावनात्मक दोनों तरह की परेशानियों से गुजर रही थी।
रूपल का यह भी दावा है कि असलम ने नंदिनी को यह कहकर प्रभावित किया कि वह पहले से शादीशुदा है और आगे कोई संतान नहीं चाहता। बहन के अनुसार, इसी आधार पर नंदिनी का एक ऑपरेशन कराया गया, जिसमें उसका गर्भाशय (बच्चादानी) निकलवा दिया गया। यह आरोप बेहद गंभीर है और इसकी पुष्टि फिलहाल जांच के बाद ही हो सकेगी।
नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी नंदिनी
परिवार के अनुसार, पिछले कुछ समय से नंदिनी अपने रिश्ते को खत्म कर स्वतंत्र रूप से जीवन शुरू करने की बात कर रही थी। वह नौकरी करके आत्मनिर्भर बनना चाहती थी और अकेले रहने की योजना बना रही थी। लेकिन लगातार तनाव, पारिवारिक विवाद और कथित प्रताड़ना ने उसकी मानसिक स्थिति को प्रभावित किया।
परिजनों का कहना है कि वह अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू करना चाहती थी, लेकिन परिस्थितियां उसके लिए इतनी कठिन हो गईं कि वह इस संघर्ष से बाहर नहीं निकल सकी।
राजनीति में भी थी सक्रिय
नंदिनी बोसमिया केवल एक सामान्य युवती नहीं थीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भी भाग लेती थीं। वर्ष 2025 में उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर जेतपुर-नवागढ़ नगरपालिका चुनाव भी लड़ा था। हालांकि उन्हें चुनाव में सफलता नहीं मिली, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान बनी थी। उनके पिता भी आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता बताए जाते हैं।
पुलिस कर रही है जांच
फिलहाल पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की जांच जारी है। आत्महत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या थे, प्रताड़ना के आरोप कितने सही हैं, और बहन द्वारा लगाए गए अन्य गंभीर आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि रिश्तों में उत्पन्न मानसिक दबाव, सामाजिक संघर्ष और भावनात्मक प्रताड़ना किसी व्यक्ति को किस हद तक प्रभावित कर सकती है। मामले की सच्चाई सामने आने के लिए सभी की निगाहें अब पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं।

