अलीगढ़, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में धर्म परिवर्तन को लेकर एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक मुस्लिम युवक सलमान ने अपना धर्म त्यागकर हिंदू बनने का फैसला किया और अपना नाम संतोष रख लिया। लेकिन इस निर्णय ने उसके परिवार और रिश्तेदारों को इतना भड़का दिया कि उन्होंने जान से मारने की कोशिश में उस पर फायरिंग कर दी। घायल युवक को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और आरोपी रिश्तेदारों की तलाश जारी है।
घटना का विवरण: हाईवे पर बाइक सवारों ने की फायरिंग
नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, घटना अलीगढ़ जिले के थाना रोरावर क्षेत्र के तालसपुर हाईवे पर एक पुल के नीचे घटी। शाम के समय बाइक पर सवार चार युवक पीड़ित संतोष (पहले सलमान) को निशाना बनाकर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी चेतावनी के उसके ऊपर गोली चलाई। भाग्यवश, एक गोली संतोष के हाथ में लगी, लेकिन हमले की तीव्रता से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली लगते ही संतोष अपनी जान बचाने के लिए दौड़ पड़ा। आरोपी बाइक पर उसके पीछे लगे रहे, लेकिन कुछ दूर जाने के बाद स्थानीय लोगों को देखकर मौके से फरार हो गए।
संतोष ने किसी तरह खुद को बचाया और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल किया। सूचना मिलते ही थाना रोरावर की टीम घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने घायल युवक को पहले जिला अस्पताल ले जाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेएन मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गोली हाथ की नसों को चीरते हुए लगी है, जिससे युवक को भारी खून बह रहा था। वर्तमान में उसकी सर्जरी चल रही है।
परिवार की रंजिश: धर्म परिवर्तन से भड़का गुस्सा
घटना के पीछे का मुख्य कारण संतोष का हाल ही में किया गया धर्म परिवर्तन बताया जा रहा है। मूल रूप से मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखने वाले सलमान ने कुछ समय पहले हिंदू धर्म अपनाया और अपना नाम संतोष रख लिया। इस फैसले से उसके परिवार और गांव के रिश्तेदार बेहद नाराज हो गए। पीड़ित ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी फरीद, मुस्तफा, मुजाहिद और आमिर ठेकेदार उसके दूर के रिश्तेदार हैं। ये सभी उसके गांव के ही निवासी हैं और धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर उससे पुरानी रंजिश रखते थे।
संतोष के अनुसार, आरोपी दो-तीन बार पहले भी उसे जान से मारने की धमकी दे चुके थे। वे कहते थे कि धर्म बदलना परिवार और समाज के लिए कलंक है, और अगर नहीं माना तो परिणाम भुगतना पड़ेगा। संतोष ने यह कदम क्यों उठाया, इस पर वह चुप्पी साधे हुए है, लेकिन स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह किसी व्यक्तिगत विश्वास या बाहरी प्रभाव के कारण हो सकता है। परिवार के अन्य सदस्यों ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन गांव में इस घटना ने सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया है।
पुलिस कार्रवाई: तहरीर पर मुकदमा दर्ज, आरोपी फरार
थाना रोरावर के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय सिंह ने मीडिया रिपोर्टर को बताया कि पीड़ित की तहरीर पर आरोपी फरीद, मुस्तफा, मुजाहिद और आमिर ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है, क्योंकि आरोपी पीड़ित के रिश्तेदार हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है। बाइक का नंबर और हमलावरों की पहचान भी ट्रेस की जा रही है।
इंस्पेक्टर सिंह ने कहा कि घायल युवक की हालत स्थिर है, लेकिन पूछताछ के लिए उसे फिट होने का इंतजार है। पुलिस ने गांव में शांति बनाए रखने के लिए फोर्स तैनात कर दी है, ताकि मामला सांप्रदायिक रंग न ले। आरोपी चारों फरार हैं, और उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।
सामाजिक संदेश: धर्म परिवर्तन पर बढ़ते विवाद
यह घटना उत्तर प्रदेश में धर्म परिवर्तन से जुड़े विवादों को फिर से सुर्खियों में ला रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में परिवार और समाज की भावनाओं को समझना जरूरी है, लेकिन हिंसा कभी भी समाधान नहीं हो सकती। अलीगढ़ जैसे संवेदनशील जिले में यह घटना स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें, और धार्मिक मामलों में शांति बनाए रखें।
संतोष की जिंदगी अब मौत और जिंदगी के बीच लड़ी जा रही लड़ाई पर टिकी है। यह मामला न केवल एक व्यक्ति की कहानी है, बल्कि समाज में सहिष्णुता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करता है।

