बरेली: भोजीपुरा-लालकुआं समेत छह रेलखंडों का दोहरीकरण, रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी; उत्तराखंड से कनेक्टिविटी बढ़ेगी

UP News: रेल मंत्रालय ने भोजीपुरा-लालकुआं, काठगोदाम-लालकुआं समेत 6 रेलखंडों (225 किमी) के दोहरीकरण के लिए FLS-DPR को मंजूरी दी। बरेली-उत्तराखंड कनेक्टिविटी मजबूत होगी, ट्रेनों की संख्या-स्पीड बढ़ेगी। बरेली जंक्शन समेत कई स्टेशनों का अमृत भारत योजना में कायाकल्प, माल परिवहन को बल। जितिन प्रसाद ने PM-रेल मंत्री का आभार जताया।

Samvadika Desk
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रेल्वे ट्रैक
Highlights
  • बरेली से लालकुआं तक रेल लाइन दोहरीकरण की मंजूरी!
  • 6 रेलखंडों पर 225 किमी दोहरीकरण, सर्वे शुरू!
  • भोजीपुरा-लालकुआं: उत्तराखंड से सीधी कनेक्टिविटी!

लखनऊ, उत्तर प्रदेश: पूर्वोत्तर रेलवे के तहत आने वाले महत्वपूर्ण रेलखंडों के दोहरीकरण की राह अब साफ हो गई है। रेल मंत्रालय ने भोजीपुरा-लालकुआं, काठगोदाम-लालकुआं समेत कुल छह रेलखंडों के फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के लिए मंजूरी दे दी है। इन रेलखंडों की कुल लंबाई करीब 225 किलोमीटर है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद की लंबी पैरवी के बाद यह मंजूरी मिली है। इससे पहले बरेली-पीलीभीत-मैलानी-सीतापुर (212 किमी) के दोहरीकरण के लिए भी सर्वे की हरी झंडी मिल चुकी है। इन प्रोजेक्ट्स से बरेली और उत्तराखंड के बीच ट्रेन कनेक्टिविटी मजबूत होगी, सफर आसान होगा और ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी।

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कौन-कौन से रेलखंड शामिल?

रेलवे बोर्ड ने सात रेलखंडों (छह मुख्य + एक बाइपास) के लिए बजट जारी किया है। मुख्य रेलखंड और बजट इस प्रकार हैं:

  • भोजीपुरा-लालकुआं: 65 किमी – 15.60 करोड़
  • काठगोदाम-लालकुआं: 22 किमी – 52.80 लाख
  • रामपुर-लालकुआं: 66 किमी – 15.84 करोड़
  • सीवान-थावे: 28.20 किमी – 67.68 लाख
  • भोजीपुरा बाइपास लाइन (सेंथल-दियोरिया): 14 किमी – 33.30 लाख
  • छपरा ग्रामीण बाइपास: 30 किमी – 72 लाख

जल्द ही टेंडर जारी कर FLS और DPR तैयार की जाएगी। DPR बोर्ड को भेजने के बाद काम शुरू होगा।

बरेली को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

इज्जतनगर मंडल के तहत करीब 1100 किमी रेल लाइन है, लेकिन अभी ज्यादातर सिंगल लाइन हैं। दोहरीकरण से ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी, क्रॉसिंग की समस्या खत्म होगी और ज्यादा ट्रेनें चल सकेंगी। बरेली से उत्तराखंड (लालकुआं, काठगोदाम) और अन्य राज्यों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। मालगाड़ियों का संचालन भी बढ़ेगा, जिससे व्यापार को बल मिलेगा।

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सीनियर डीसीएम संजीव शर्मा ने अमर उजाला के रिपोर्टर को बताया कि कासगंज-मथुरा रेलखंड का सर्वे शुरू हो चुका है। इन छह रेलखंडों के लिए भी जल्द काम शुरू होगा।

बरेली के स्टेशनों का कायाकल्प और नई सुविधाएं

रेल मंत्रालय ने देश के 48 स्टेशनों को अगले 5 साल के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है, जिनमें बरेली भी है। बरेली जंक्शन, बरेली सिटी, इज्जतनगर, भोजीपुरा, कैंट और रामगंगा स्टेशनों को 50 साल की जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जाएगा।

  • बरेली जंक्शन के लिए 350 करोड़ की परियोजनाएं स्वीकृत, पिछले साल 120 करोड़ की 6 परियोजनाओं (वॉशिंग लाइन, एसी मेंटेनेंस शेड, यार्ड रिमॉडलिंग) का बजट जारी।
  • इज्जतनगर, बरेली सिटी, भोजीपुरा, पीलीभीत स्टेशनों का अमृत भारत योजना के तहत कायाकल्प पूरा।
  • कैंट स्टेशन को ऑपरेशनल बनाया जाएगा। अभी यहां सिर्फ पैसेंजर ट्रेनें रुकती हैं। विकास के बाद कैंट-रामगंगा-चंदौसी रूट की 12 फास्ट/सुपरफास्ट ट्रेनों का ठहराव बरेली में होगा।

उत्तराखंड और यूपी की कनेक्टिविटी में क्रांति

दोहरीकरण से बरेली से लालकुआं, काठगोदाम और रामपुर तक सीधी और तेज ट्रेनें चल सकेंगी। उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। माल परिवहन बढ़ने से औद्योगिक विकास को बल मिलेगा। जितिन प्रसाद ने कहा, “यह मंजूरी बरेली और उत्तराखंड की कनेक्टिविटी बढ़ाएगी। प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार।”

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बरेली अब रेल कनेक्टिविटी के नए हब के रूप में उभर रहा है। दोहरीकरण और स्टेशन विकास से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार। आने वाले सालों में बरेली से देश के कोने-कोने तक ट्रेनें चलने की उम्मीद है।

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