बाराबंकी, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में लव जिहाद का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ प्रयागराज के जीशान ने समर सिंह बनकर एक युवती को अपने प्रेम जाल में फँसाया, उसका शारीरिक शोषण किया और डेढ़ लाख रुपये व सोने के जेवर ठग लिए। इस साजिश में उसकी बहन शिवली अंसारी और बहनोई नदीम अंसारी भी शामिल थे। गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को बाराबंकी पुलिस ने तीनों को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। इन पर धोखाधड़ी, शारीरिक शोषण और अवैध धर्मांतरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
फर्जी नाम, प्रेम का जाल
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने 8 जुलाई को कोतवाली में शिकायत दर्ज की। उसने बताया कि करीब एक साल पहले उसकी एक युवक से बात शुरू हुई, जो खुद को समर सिंह बताता था। कुछ समय बाद झगड़े के कारण बातचीत टूटी, लेकिन 11 अप्रैल 2025 से फिर से संपर्क हुआ। जीशान ने शादी का वादा कर युवती का भरोसा जीता। उसने युवती को लखनऊ के एक होटल में बुलाया, जहाँ चार-पाँच बार उसका शारीरिक शोषण किया।
साजिश में बहन-बहनोई की भूमिका
जांच में खुलासा हुआ कि समर सिंह का असली नाम जीशान है और वह प्रयागराज का रहने वाला है। उसकी बहन शिवली और बहनोई नदीम, जो लखनऊ के रहने वाले हैं, भी इस साजिश में शामिल थे। दोनों ने खुद को हिंदू बताकर पीड़िता से मुलाकात की। शिवली ने बहला-फुसलाकर युवती के सोने के जेवर हड़प लिए, जबकि जीशान ने किस्तों में डेढ़ लाख रुपये ठग लिए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शहर कोतवाल आरके राणा ने अमर उजाला को बताया कि शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत जाँच शुरू की। जीशान, शिवली और नदीम को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। उनके मोबाइल फोन बरामद कर लिए गए हैं, जिनसे साजिश के और सबूत मिलने की उम्मीद है। जल्द ही आरोपपत्र तैयार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह मामला लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण के गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। फर्जी पहचान बनाकर ठगी और शोषण की यह घटना समाज में जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग करती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़िता को न्याय की उम्मीद जगी है।

