बरेली, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने विकास परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ा दी है। पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकंडन ने रामगंगा नगर और ग्रेटर बरेली आवासीय योजना में चल रहे कार्यों का औचक निरीक्षण किया। कन्वेंशन सेंटर के निर्माण में भारी लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार सत्य सांई बिल्डर एंड कांट्रेक्टर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया। साथ ही, तीन दिन में संतोषजनक स्पष्टीकरण न देने पर ब्लैकलिस्ट करने की सख्त चेतावनी दी गई।
बार-बार चेतावनी के बावजूद नहीं सुधरा ठेकेदार
उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ने मीडिया रिपोर्टर को बताया कि सत्य सांई बिल्डर को पहले भी कई बार दंडित किया जा चुका है, लेकिन रवैया नहीं सुधरा। जुलाई 2024 में निर्माण देरी पर 2 लाख रुपये, अगस्त में गुणवत्ता में कमी पर 5 लाख और सितंबर में समयसीमा उल्लंघन पर 5 लाख का जुर्माना लगाया गया। इसके बावजूद अप्रैल 2023 में शुरू हुई कन्वेंशन सेंटर परियोजना अभी अधर में लटकी है। निरीक्षण में प्रगति बेहद धीमी पाई गई, जिस पर उपाध्यक्ष ने मुख्य अभियंता से अब तक की कार्रवाइयों का पूरा ब्योरा मांगा। उन्होंने अभियंताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि सीएम दौरे से पहले किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
सीएम योगी 15-20 नवंबर के बीच आएंगे बरेली
बीडीए सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री का दौरा 15 से 20 नवंबर के बीच संभावित है। इस दौरान वे रामायण वाटिका में भगवान राम की 51 फीट ऊंची प्रतिमा का अवलोकन करेंगे, रुद्रावनम पार्क में ‘नाथ म्यूजियम’ के लिए भूमि पूजन करेंगे। साथ ही, एमएसएमई टाउनशिप, नई आवासीय योजना सहित 3,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। दौरे को देखते हुए सभी कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
समीक्षा बैठक में ठेकेदारों को हिदायत
निरीक्षण के बाद हुई समीक्षा बैठक में बीडीए सचिव, मुख्य अभियंता, सहायक अभियंता, रुद्रावनम और रामायण वाटिका परियोजना के ठेकेदार व प्रतिनिधि मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने सभी को चेताया कि लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई होगी। कन्वेंशन सेंटर की धीमी गति पर विशेष नाराजगी जताई गई। ठेकेदार को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है कि काम में तेजी लाएं और जवाब दें, वरना ब्लैकलिस्टिंग तय है।
जुर्माने की समयरेखा
- जुलाई 2024: ₹2 लाख (निर्माण में देरी)
- अगस्त 2024: ₹5 लाख (गुणवत्ता में लापरवाही)
- सितंबर 2024: ₹5 लाख (समयसीमा उल्लंघन)
- नवंबर 2025: ₹10 लाख (प्रगति बेहद धीमी)
यह कार्रवाई सीएम दौरे से पहले विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने की दिशा में बीडीए की सख्ती को दर्शाती है।

