बरेली: फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा के ठगी के और नए मामले सामने आए, सरकारी नौकरी का झांसा देकर 8.35 लाख रुपये की ठगी का आरोप

Bareilly News: बरेली में फर्जी आईएएस अधिकारी विप्रा शर्मा के ठगी के और नए मामले सामने आए हैं। आरोप है कि उसने और उसके साथियों ने सरकारी नौकरी (लेखपाल) दिलाने का झांसा देकर इंद्रपाल सिंह से 8.35 लाख रुपये ठगे। अब तक विप्रा और उसकी बहनों के खिलाफ 12 से ज्यादा ठगी के मामले दर्ज हो चुके हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

Samvadika Desk
4 Min Read
इमेज - सोशल मीडिया
Highlights
  • फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा के ठगी के नए मामले सामने आए!
  • सरकारी नौकरी का झांसा देकर 8.35 लाख रुपये ठगे!
  • अब तक 12 से ज्यादा ठगी के मामले दर्ज!

बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली में फर्जी आईएएस अधिकारी विप्रा शर्मा के ठगी के कारनामे एक के बाद एक उजागर हो रहे हैं। अब उसके खिलाफ एक और नया मामला दर्ज किया गया है। किला थाने में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि विप्रा और उसके साथियों ने सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 8.35 लाख रुपये ठगे हैं। इस मामले में दो अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है। अब तक विप्रा और उसकी बहनों के खिलाफ ठगी के 12 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं।

- Advertisement -

इंद्रपाल सिंह ने दर्ज कराई शिकायत

किला थाना क्षेत्र के रोठा निवासी इंद्रपाल सिंह ने किला इंस्पेक्टर संतोष कुमार को दी शिकायत में बताया कि तीन-चार साल पहले उनकी मुलाकात अमित कुमार और उसके पिता राघवेंद्र से हुई थी। दोनों ने उनके बेटे शुभम को लेखपाल के पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का लालच दिया। उन्होंने आठ लाख रुपये खर्च बताए। इसके बाद उन्हें सीबीगंज थाना क्षेत्र के स्लीपर रोड पर बुलाया गया। वहाँ विप्रा शर्मा से मुलाकात हुई, जिन्होंने खुद को एडीएम बताया और नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया। इंद्रपाल ने 7.25 लाख रुपये उन्हें सौंप दिए।

फर्जी नियुक्ति पत्र थमाया

कुछ दिनों बाद शुभम को उत्तर प्रदेश शासन की ओर से जारी फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया गया। लेकिन शुभम को कोई नौकरी नहीं मिली। जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए देरी बताई। आचार संहिता खत्म होने के बाद भी नौकरी नहीं लगने पर फिर संपर्क किया तो उन्होंने राजस्व परिषद के सचिव के तबादले का बहाना बनाकर 1.10 लाख रुपये और माँगे। 17 अप्रैल 2026 को शुभम के नाम से एक और फर्जी नियुक्ति पत्र दे दिया गया। शुभम ने इंटरनेट पर जाँच की तो सच्चाई सामने आ गई कि यह पूरी ठगी थी।

पुलिस ने शुरू की जाँच

इंस्पेक्टर ने मीडिया को बताया कि शिकायत दर्ज कर आगे की जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है। विप्रा शर्मा और उसके साथियों के अन्य ठगी के मामलों की भी जाँच की जा रही है।

- Advertisement -

आरोपी बहनों के खिलाफ कई केस

पुलिस के अनुसार, विप्रा शर्मा और उसकी बहनों के खिलाफ अब तक ठगी के 12 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें सरकारी नौकरी, जमीन और अन्य झांसे देकर लोगों से मोटी रकम वसूलने के आरोप हैं।

शहर में सनसनी

यह नया मामला सामने आने के बाद बरेली में फर्जी आईएएस विप्रा शर्मा को लेकर सनसनी फैल गई है। लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि एक व्यक्ति कैसे इतने लोगों को ठग सकता है। पुलिस का कहना है कि जाँच जारी है और जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

परिवारों में आक्रोश

पीड़ित परिवारों में गुस्सा है। कई लोग कह रहे हैं कि विप्रा शर्मा ने न सिर्फ पैसे ठगे, बल्कि लोगों के भरोसे को भी तोड़ा है। इस मामले में पुलिस की तेज कार्रवाई की माँग की जा रही है ताकि अन्य लोगों को भी ऐसा धोखा न हो।

- Advertisement -
Share This Article