वाराणसी, उत्तर प्रदेश: वाराणसी अब पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी विश्व स्तर पर नया इतिहास रचने की तैयारी में है। एक मार्च को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों डोमरी क्षेत्र में मात्र एक घंटे के भीतर तीन लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस अभूतपूर्व महाभियान का उद्देश्य न सिर्फ शहर की हरियाली बढ़ाना है, बल्कि इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज कराना भी है। यह प्रयास काशी को स्मार्ट सिटी के साथ-साथ ग्रीन सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सीएम योगी करेंगे शुभारंभ
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, पौधरोपण अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों होगी। बुधवार को मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में विकास भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें शहर के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। मेयर ने कहा कि यह अभियान केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एक जन-आंदोलन का रूप लेगा। हजारों स्वयंसेवक, स्कूल-कॉलेज के छात्र, एनजीओ और स्थानीय लोग इसमें शामिल होंगे।
तैयारियों में तेजी, गड्ढे खोदने का काम शुरू
डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि तीन लाख पौधों के रोपण के लिए जमीन का चिह्नांकन और गड्ढे खोदने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसी को कोई असुविधा न हो।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि अभियान में नीम, पीपल, पाकड़, बरगद जैसे छायादार और औषधीय पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी। ये पौधे न सिर्फ पर्यावरण के लिए फायदेमंद हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लंबे समय तक छाया और ऑक्सीजन प्रदान करेंगे।
वाराणसी का पर्यावरण संरक्षण में नया अध्याय
यह महाभियान वाराणसी को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगा। शहर में पहले से ही स्वच्छता और हरियाली को लेकर कई अभियान चल रहे हैं। अब तीन लाख पौधों का एक साथ रोपण इसे वैश्विक स्तर पर चर्चा में लाएगा। गिनीज बुक में नाम दर्ज होने से काशी की साख और बढ़ेगी।
मेयर अशोक तिवारी ने कहा कि यह सिर्फ पेड़ लगाने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर पर्यावरण छोड़ने का संकल्प है। सीएम योगी के नेतृत्व में यह अभियान जन-भागीदारी से सफल होगा।
एक मार्च को डोमरी में होने वाला यह पौधरोपण महाभियान काशी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। पूरा शहर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयार है।

