लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने नए साल पर आम जनता को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। अब छोटे आवासीय और व्यावसायिक भवनों का नक्शा पास कराने के लिए विकास प्राधिकरण के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। “फास्टपास” नाम की नई डिजिटल प्रणाली से संपत्ति मालिक खुद ऑनलाइन नक्शा अपलोड कर चंद मिनटों में स्वीकृति प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी, सरल और डिजिटल है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने नए बिल्डिंग बायलॉज के तहत इसे लागू कर दिया है।
कौन से भवन खुद पास करा सकेंगे नक्शा?
फास्टपास प्रणाली के तहत:
- आवासीय भवन: 100 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर
- व्यावसायिक (कमर्शियल) भवन: 30 वर्गमीटर तक के प्लॉट पर
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने हिन्दुस्तान के रिपोर्टर को बताया कि इस सुविधा से शहर में अपना घर या छोटी दुकान बनाने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले नक्शा पास कराने में हफ्तों-महीनों लग जाते थे, अब मिनटों में काम हो जाएगा।
कैसे करें आवेदन? पूरी प्रक्रिया
- पोर्टल: map.up.gov.in पर जाएं
- रजिस्ट्रेशन: अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें
- लॉगिन: आईडी और पासवर्ड बनाकर लॉगिन करें
- नक्शा अपलोड: भवन का मानचित्र और जरूरी विवरण अपलोड करें
- प्लॉट की सटीक लोकेशन
- आसपास की सड़कों की चौड़ाई-लंबाई
- भवन की ऊंचाई, कवर्ड एरिया
- फ्रंट, साइड, रियर सेटबैक
- प्रवेश-निकास द्वार और पार्किंग का प्लान
- शुल्क भुगतान: पोर्टल पर ही ऑनलाइन फीस जमा करें
- स्वीकृति: सबकुछ सही होने पर कुछ ही मिनटों में नक्शा स्वीकृत हो जाएगा। स्वतः प्रमाणित मानचित्र और सर्टिफिकेट डाउनलोड हो जाएगा।
महत्वपूर्ण शर्तें
- प्लॉट का लैंड यूज मास्टर प्लान के अनुसार होना चाहिए
- सभी विवरण सटीक और सही होने चाहिए
- भू-स्वामी खुद इनकी प्रमाणित जिम्मेदारी लेंगे
अगर कोई गलत जानकारी दी गई तो बाद में कार्रवाई हो सकती है।
लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
इस नई व्यवस्था से न केवल समय बचेगा, बल्कि भ्रष्टाचार और दलाली की शिकायतें भी कम होंगी। छोटे प्लॉट वाले लोग जो अपना घर या दुकान बनाना चाहते हैं, उन्हें अब प्राधिकरण के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पूरी प्रक्रिया घर बैठे ऑनलाइन हो जाएगी।
योगी सरकार का यह कदम “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “डिजिटल उत्तर प्रदेश” के विजन को साकार कर रहा है। नए साल में यह सौगात आम जनता, खासकर मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। अन्य विकास प्राधिकरणों में भी जल्द यह सुविधा लागू होने की उम्मीद है।

