बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली जिले के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध रूप से बनी मस्जिद पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया। मंगलवार को भारी पुलिस फोर्स और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया गया। यह मस्जिद लंबे समय से विवाद का विषय बनी हुई थी और कोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही थी।
विवाद की शुरुआत और कानूनी लड़ाई
पिपरिया गांव में ग्राम समाज के गाटा संख्या 1474 पर लगभग 300 वर्ग गज में यह अस्थाई निर्माण हुआ था। राजस्व अभिलेखों में यह जमीन बंजर (श्रेणी-5) और सरकारी ग्राम समाज की भूमि के रूप में दर्ज है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इसमें नमाज पढ़ी जाती थी। विवाद 2008 से चल रहा था।
पहले यह मामला तहसीलदार कोर्ट में पहुंचा। तहसीलदार ने निर्माण को अवैध मानते हुए बेदखली के आदेश दिए और पक्षकारों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद मुस्लिम पक्ष ने सिविल कोर्ट में अपील की, लेकिन वहां भी तहसीलदार कोर्ट के फैसले पर मुहर लग गई। कोर्ट ने निर्माण को पूरी तरह अवैध करार दिया।
कोर्ट के आदेश के बाद कई बार नोटिस जारी किए गए। बेदखली की प्रक्रिया में जुर्माने का भी प्रावधान था, जिसे पक्षकारों ने जमा कर दिया था। लेकिन निर्माण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई। सिविल कोर्ट में मामला लंबित रहने के कारण कार्रवाई रुकी हुई थी। अब कोर्ट से अंतिम राहत न मिलने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई कैसे हुई?
मंगलवार सुबह प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। एसडीएम सदर प्रमोद कुमार, थाना भोजीपुरा के थानाध्यक्ष, एएसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच बुलडोजर से निर्माण को तोड़ा गया। कार्रवाई सुबह से शुरू हुई और दोपहर तक पूरी हो गई। आसपास के लोगों को दूर रखा गया ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
एसडीएम सदर का बयान
एसडीएम सदर प्रमोद कुमार ने मीडिया पत्रकार को बताया कि यह निर्माण पूरी तरह अवैध था। भूमि राजस्व रिकॉर्ड में ग्राम समाज की बंजर जमीन के रूप में दर्ज थी। स्थानीय ग्रामीणों ने ही कोर्ट में केस दायर किया था। विरोध के बाद कोर्ट ने बेदखली के आदेश दिए। अब अदालत के फैसले के आधार पर कार्रवाई पूरी की गई है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
कार्रवाई के दौरान गांव में थोड़ी खलबली मची, लेकिन कोई बड़ा विरोध नहीं हुआ। कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि यह सरकारी जमीन है और अवैध निर्माण को हटाना जरूरी था। वहीं कुछ ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देखा। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानूनी और कोर्ट के आदेश के अनुसार हुई है।
बरेली में अवैध निर्माण पर लगातार कार्रवाई
यह कार्रवाई बरेली में अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। हाल के महीनों में रेलवे, ग्राम समाज और अन्य सरकारी जमीनों पर कई बार बुलडोजर चल चुके हैं। प्रशासन का साफ संदेश है कि सरकारी भूमि पर कोई भी अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर यूपी में अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया और कोर्ट के आदेशों को लागू करने की सख्ती को दर्शाती है। पिपरिया गांव की जमीन अब पूरी तरह कब्जा मुक्त हो गई है और आगे इसका उपयोग ग्राम समाज के हित में किया जाएगा।

