बरेली को मिलेगा नया औद्योगिक कॉरिडोर: आंवला तहसील में 1000 हेक्टेयर भूमि चिह्नित, गंगा एक्सप्रेस-वे के पास बनेगा बड़ा इंडस्ट्रियल हब

Bareilly News: बरेली जिले के आंवला तहसील क्षेत्र में करीब 1000 हेक्टेयर भूमि को नए औद्योगिक कॉरिडोर के लिए चिह्नित किया गया है। यह कॉरिडोर गंगा एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट भमोरा गांव के आसपास विकसित होगा। यूपीडा के माध्यम से निर्माण कार्य की तैयारी तेज है। सोमवार को डीएम भूमि का निरीक्षण करेंगे। इससे बेहतर कनेक्टिविटी, लागत में कमी, निवेश वृद्धि और हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

Samvadika Desk
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प्रतीकात्मक इमेज
Highlights
  • आंवला तहसील में 1000 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक कॉरिडोर के लिए चिह्नित!
  • गंगा एक्सप्रेस-वे के पास बनेगा मेगा इंडस्ट्रियल हब!
  • इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और फूड प्रोसेसिंग के लिए समर्पित जोन!

बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली जिले में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रशासन ने आंवला तहसील क्षेत्र में करीब 1000 हेक्टेयर भूमि को नये औद्योगिक कॉरिडोर के लिए चिह्नित कर लिया है। यह कॉरिडोर गंगा एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट भमोरा गांव के आसपास विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के माध्यम से इसकी तैयारी तेजी से चल रही है।

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क्यों चुना गया यह स्थान?

यह भूमि निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग के बहुत करीब है। दोनों प्रमुख मार्गों से जुड़ाव होने के कारण उद्योगों को कच्चा माल लाने-ले जाने और तैयार माल की ढुलाई में बहुत आसानी होगी। इससे लागत कम होगी और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी। जिले में पहले से ही कई बड़े उद्योग लग रहे हैं, लेकिन औद्योगिक गलियारे की कमी महसूस की जा रही थी। अब यह कॉरिडोर जिले की आर्थिकी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।

सोमवार को डीएम करेंगे निरीक्षण

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह अन्य अधिकारियों के साथ चिह्नित भूमि का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान आगे की कार्ययोजना, भूमि अधिग्रहण और विकास की रूपरेखा पर चर्चा होगी। यूपीडा के साथ बातचीत चल रही है, ताकि जल्द से जल्द कॉरिडोर का निर्माण शुरू हो सके।

औद्योगिक कॉरिडोर से क्या-क्या फायदे होंगे?

औद्योगिक गलियारा सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र होगा। इसके प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

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  • बेहतर कनेक्टिविटी: माल की त्वरित आवाजाही के लिए विशेष सड़कें और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं
  • विशेष क्षेत्र: इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योगों के लिए समर्पित जोन
  • प्लग एंड प्ले मॉडल: उद्यमियों को जमीन, पानी, बिजली और कनेक्टिविटी पहले से उपलब्ध होगी, जिससे कंपनियां बिना देरी के उत्पादन शुरू कर सकेंगी
  • लॉजिस्टिक्स पार्क और वेयरहाउस: माल भंडारण और परिवहन की आधुनिक व्यवस्था
  • स्मार्ट टाउनशिप: उद्योगों के आसपास कर्मचारियों के लिए आवासीय क्षेत्र
  • रोजगार सृजन: स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर नौकरियां पैदा होंगी
  • निवेश में वृद्धि: बेहतर लॉजिस्टिक्स से माल की लागत कम होगी, जो निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाएगा
  • क्षेत्र का समग्र विकास: आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और आसपास के गांवों-कस्बों को भी फायदा होगा

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा, “जिले में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए आंवला तहसील क्षेत्र में करीब एक हजार हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए यूपीडा से बातचीत चल रही है। इसके निर्माण से जिले के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।”

बरेली के लिए नई उम्मीद

यह कॉरिडोर बरेली को उत्तर प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। गंगा एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के बाद यह इलाका निवेश और रोजगार का हब बन सकता है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और जिले की आर्थिकी मजबूत होगी। अब सबकी नजरें डीएम के निरीक्षण और यूपीडा के साथ आगे की प्रक्रिया पर टिकी हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

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