बरेली में बदलेगा त्रिशूल तिराहे का रूप, अब ‘त्रिलोकी चौक’ के नाम से दिखेगी नाथ कॉरिडोर की झलक

Bareilly News: बरेली विकास प्राधिकरण ने शहर के प्रमुख त्रिशूल तिराहे को नए स्वरूप में विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे ‘त्रिलोकी चौक’ के रूप में विकसित किया जाएगा। चौक की डिजाइन शक्ति और आध्यात्मिकता की थीम पर आधारित होगी। त्रिकोणीय आइलैंड के बीच कमल की आकर्षक आकृति स्थापित की जाएगी, जबकि सामने फोकस वॉल पर देवी पार्वती के शक्ति स्वरूप को दर्शाया जाएगा।

Samvadika Desk
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AI जनित प्रतीकात्मक त्रिलोकी चौक (इमेज - BDA)
Highlights
  • बरेली के त्रिशूल तिराहे को अब ‘त्रिलोकी चौक’ के रूप में विकसित किया जाएगा!
  • चौक के आसपास फूलों की क्यारियां और हरियाली विकसित की जाएगी!
  • फोकस वॉल पर देवी पार्वती के शक्ति स्वरूप की झलक दिखाई देगी!

बरेली: नाथ नगरी बरेली की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को शहर के आधुनिक विकास से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठाया जा रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने त्रिशूल तिराहे को आकर्षक और धार्मिक-सांस्कृतिक स्वरूप देने की योजना तैयार की है। प्रस्तावित योजना के तहत त्रिशूल तिराहा अब ‘त्रिलोकी चौक’ के नाम से विकसित किया जाएगा।

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चौक की मौजूदा त्रिकोणीय संरचना को ध्यान में रखते हुए यहां लैंडस्केपिंग, हरियाली और आध्यात्मिक प्रतीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। पूरे क्षेत्र की डिजाइन को नाथ कॉरिडोर की थीम से जोड़ने की तैयारी है, ताकि शहर के इस हिस्से में प्रवेश करते ही बरेली की धार्मिक पहचान की झलक दिखाई दे।

शक्ति की थीम पर तैयार होगा त्रिलोकी चौक

बीडीए के मुताबिक, त्रिशूल तिराहे की लोकेशन को देखते हुए यहां शक्ति को मुख्य थीम बनाया गया है। त्रिशूल क्षेत्र, एयरफोर्स स्टेशन की नजदीकी और नाथ कॉरिडोर से इसके जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए चौक का स्वरूप तैयार किया जाएगा।

त्रिकोणीय आइलैंड के बीचोंबीच महाशक्ति के प्रतीक के तौर पर कमल का शिल्प स्थापित किया जाएगा। इसके आसपास रंग-बिरंगे फूल, हरी घास, सजावटी पौधे और आकर्षक लैंडस्केपिंग की जाएगी। कोशिश यह है कि चौक केवल ट्रैफिक प्वाइंट न रहकर शहर की पहचान से जुड़ा एक आकर्षक स्थल भी बने।

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कमल के जरिए शक्ति, नारी शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देने की योजना है।

फोकस वॉल पर नजर आएंगी देवी पार्वती

त्रिलोकी चौक की खूबसूरती बढ़ाने के लिए सड़क के दूसरी तरफ एक विशेष फोकस वॉल विकसित की जाएगी। इस दीवार पर देवी पार्वती के शक्ति स्वरूप को प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।

फोकस वॉल की डिजाइन में नाथ परंपरा और भारतीय आध्यात्मिक विरासत से जुड़े स्थापत्य एवं कलात्मक तत्वों को भी शामिल किया जाएगा। इसके जरिए चौक को नाथ कॉरिडोर की धार्मिक-सांस्कृतिक थीम से जोड़ने का प्रयास होगा।

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इसी स्थान पर बीडीए और नाथ कॉरिडोर से संबंधित ब्रांडिंग भी प्रदर्शित की जाएगी। फोकस वॉल के सामने फव्वारा लगाने की योजना है। इसके आसपास फूलों की क्यारियां और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, जिससे पूरा इलाका और आकर्षक दिखाई दे।

त्रिशूल तिराहे से विश्वनाथ द्वार तक एक जैसी थीम

बीडीए की योजना केवल त्रिशूल तिराहे तक सीमित नहीं है। इसे नाथ कॉरिडोर के दूसरे महत्वपूर्ण हिस्सों से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है।

इसी मार्ग पर आगे विश्वनाथ द्वार का निर्माण कराया जा रहा है। भविष्य में पीलीभीत रोड के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण के दौरान उसे भी नाथ कॉरिडोर की थीम के अनुरूप विकसित करने की योजना है।

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इससे त्रिशूल तिराहा, त्रिलोकी चौक, विश्वनाथ द्वार और पीलीभीत रोड के बीच एक समान धार्मिक एवं सांस्कृतिक थीम दिखाई दे सकती है। यानी शहर के इस पूरे हिस्से को एक कॉमन डिजाइन और पहचान देने की कोशिश होगी।

आधुनिक विकास के साथ धार्मिक पहचान को जोड़ने की तैयारी

बीडीए की इस योजना का उद्देश्य धार्मिक प्रतीकों को शहर के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सौंदर्यीकरण के साथ जोड़ना है। चौक पर हरियाली, फूलों की क्यारियां, फव्वारा और कलात्मक संरचनाएं लगाकर इसे ज्यादा व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की तैयारी है।

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बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय के अनुसार, जिले की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक शहरी विकास के साथ जोड़ा जा रहा है। इसी सोच के तहत त्रिशूल तिराहे को शक्ति और देवी पार्वती के स्वरूप पर आधारित थीम में विकसित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि आइलैंड के बीच स्थापित होने वाला कमल शक्ति, नारी शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होगा। वहीं फोकस वॉल, फव्वारे और लैंडस्केपिंग के जरिए इस स्थान को बरेली की विशिष्ट पहचान के तौर पर विकसित करने की योजना है।

नाथ कॉरिडोर से मजबूत होगी बरेली की धार्मिक पहचान

बरेली को नाथ नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों के सौंदर्यीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। त्रिशूल तिराहे का प्रस्तावित त्रिलोकी चौक इसी व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है।

अगर प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार काम पूरा होता है, तो यहां से गुजरने वाले लोगों को चौक पर धार्मिक प्रतीकों, हरियाली और आधुनिक लैंडस्केपिंग का मिश्रित स्वरूप देखने को मिलेगा। इसके साथ ही त्रिशूल तिराहे से विश्वनाथ द्वार तक विकसित होने वाली समान थीम नाथ कॉरिडोर की पूरी परिकल्पना को एकरूपता देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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