बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक शर्मनाक घटना ने सनसनी मचा दी है। सलेमपुर थाना क्षेत्र के कैलावन गाँव के श्मशान घाट में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला मंत्री राहुल बाल्मीकि का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह एक विवाहित महिला के साथ कार में अर्धनग्न अवस्था में आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए। इस घटना ने धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाई है। राहुल ने ग्रामीणों से माफी माँगी, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद वह फरार हो गया।
श्मशान में शर्मनाक हरकत
घटना 11 जुलाई 2025 की बतायी जा रही है, जब कैलावन गाँव के श्मशान घाट में एक कार लंबे समय से खड़ी दिखी। स्थानीय लोगों को शक हुआ और उन्होंने कार के पास जाकर देखा। अंदर का नजारा देखकर सभी स्तब्ध रह गए। BJP नेता राहुल बाल्मीकि और एक विवाहित महिला अशोभनीय स्थिति में थे। ग्रामीणों ने कार को घेर लिया और हंगामा शुरू हो गया। भीड़ ने नेता को बाहर निकाला और उसकी जमकर फजीहत की।
वीडियो में माफी, महिला ने छुपाया चेहरा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में राहुल बाल्मीकि को घुटनों पर बैठकर ग्रामीणों से माफी माँगते और उनके पैर पकड़ते देखा गया। वीडियो में महिला अपना चेहरा दुपट्टे से छुपाने की कोशिश करती नजर आई। उसकी पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है। हालांकि संवादिका वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। भीड़ में मौजूद लोग चिल्ला रहे थे कि श्मशान जैसे पवित्र स्थल पर ऐसी हरकत समाज और धर्म को शर्मसार करती है।
ग्रामीणों का गुस्सा, धार्मिक भावनाएँ आहत
स्थानीय लोगों ने इस घटना को धार्मिक स्थल का अपमान बताया। उनका कहना था कि श्मशान घाट, जो अंतिम संस्कार का पवित्र स्थान है, उसे इस तरह की हरकतों के लिए बदनाम करना अस्वीकार्य है। ग्रामीणों ने माँग की कि राहुल और महिला के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। यह घटना न केवल नैतिकता, बल्कि सामाजिक मर्यादाओं पर भी सवाल उठाती है।
BJP में हलचल, नेता फरार
जानकारी के अनुसार, वीडियो वायरल होने के बाद राहुल बाल्मीकि मौके से फरार हो गया। वह न तो अपने घर पर मिला और न ही BJP के किसी कार्यक्रम में नजर आया। पार्टी के भीतर इस घटना ने हंगामा खड़ा कर दिया है। कार्यकर्ताओं और नेताओं में इस बात को लेकर चर्चा है कि यह मामला BJP की छवि को नुकसान पहुँचा सकता है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने राहुल पर तत्काल कार्रवाई करते हुए निष्कासित कर दिया है।
पुलिस जाँच में जुटी
सलेमपुर थाना पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर जाँच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक FIR दर्ज नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जाँच की जा रही है, और जल्द ही उचित कदम उठाए जाएँगे। ग्रामीणों ने भी पुलिस से इस मामले में सख्ती बरतने की माँग की है।
सामाजिक और नैतिक सवाल
यह घटना समाज में नैतिकता और धार्मिक स्थलों की पवित्रता पर सवाल उठाती है। एक जिम्मेदार पद पर बैठे नेता की ऐसी हरकत ने लोगों का भरोसा तोड़ा है। यह समाज से यह माँग करता है कि सार्वजनिक जीवन में नैतिकता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जाए।

