मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के सब्जीपुर गांव में एक पड़ोसी विवाद ने सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया, जब सरवर आलम नामक युवक ने अपने पड़ोसी के घर की दीवार पर ‘I Love Muhammad’ लिखा पोस्टर चिपका दिया। विरोध करने पर सरवर ने गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से गांव में हड़कंप मच गया, और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मिश्रित आबादी वाले इस गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और प्रशासन ने हालात को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है।
रात के सन्नाटे में शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना थाना पाकबड़ा क्षेत्र के सब्जीपुर गांव की है, जहां देर रात करीब 1:15 बजे सरवर आलम ने अपने पड़ोसी तालिब के घर की दीवार और दरवाजे पर ‘I Love Muhammad’ लिखा पोस्टर चिपकाने की कोशिश की। खास बात यह थी कि पोस्टर पर सरवर की तस्वीर भी छपी थी, जिससे तालिब को यह कृत्य सुनियोजित और उकसाने वाला लगा। तालिब ने जब इसका विरोध किया, तो सरवर भड़क गया। उसने तालिब को गालियां दीं और मारपीट शुरू कर दी।
तालिब के मुताबिक, सरवर जबरन उनके घर में घुस गया और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। शोर-शराबा सुनकर मोहल्ले के लोग जमा हो गए, जिसके बाद सरवर मौके से भाग निकला। इस घटना ने गांव में तनाव पैदा कर दिया, क्योंकि पोस्टर की प्रकृति को देखते हुए लोग इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश मानने लगे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी जेल में
सूचना मिलते ही पाकबड़ा थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। तालिब की लिखित शिकायत के आधार पर सरवर आलम के खिलाफ भादंसं की धारा 353(2) (सार्वजनिक शांति भंग करने की साजिश), 333 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 352 (आपराधिक धमकी), और 351(2) (आपराधिक बल प्रयोग) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने कई ठिकानों पर छापेमारी की और सरवर को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि सरवर आलम ने पड़ोसी के घर पर विवादास्पद पोस्टर चिपकाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की थी। “विरोध करने पर उसने मारपीट की और धमकियां दीं, जिससे गांव में तनाव पैदा हुआ। हमने तुरंत कार्रवाई की और आरोपी को जेल भेज दिया गया है। स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है,” उन्होंने कहा।
गांव में तनाव, पुलिस की कड़ी नजर
सब्जीपुर गांव में मिश्रित आबादी के कारण इस घटना ने तनाव को और बढ़ा दिया। स्थानीय लोगों में पोस्टर को लेकर गुस्सा था, और कुछ ने इसे धार्मिक भावनाओं को भड़काने की साजिश करार दिया। हालात को देखते हुए पुलिस ने गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है। गश्त बढ़ा दी गई है, और अधिकारियों ने साफ किया कि किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है। एसपी सिटी ने कहा, “हमारी प्राथमिकता है कि गांव में अमन-चैन बना रहे। कानून तोड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।”
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह मामला न केवल पड़ोसी विवाद का है, बल्कि इसने धार्मिक संवेदनशीलता को भी छू लिया है। ‘I Love Muhammad’ जैसे पोस्टर को चिपकाने का मकसद क्या था? क्या यह व्यक्तिगत रंजिश थी, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी? तालिब का आरोप है कि सरवर ने जानबूझकर उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाया। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि सरवर का मकसद गांव में तनाव पैदा करना हो सकता है।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या सरवर ने अकेले यह कदम उठाया, या इसके पीछे कोई और लोग शामिल थे। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस मामले को गहराई से देख रही है। इस घटना ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द और पड़ोसियों के बीच विश्वास की अहमियत को उजागर किया है।
सब्जीपुर की यह घटना अब मुरादाबाद में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या यह महज एक व्यक्तिगत झगड़ा था, या धार्मिक भावनाओं को भड़काने की कोशिश। फिलहाल, पुलिस की सतर्कता और कार्रवाई ने हालात को काबू में रखा है, लेकिन इस कहानी ने गांव की शांति को कुछ समय के लिए जरूर झकझोर दिया है।

