मेरठ, उत्तर प्रदेश: कांवड़ यात्रा 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए मेरठ जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। यात्रा के दौरान डीजे संचालन को लेकर प्रशासन ने नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत करीब 250 डीजे ऑपरेटरों के साथ बैठक कर उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि यात्रा के दौरान किन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई ऑपरेटर निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांवड़ यात्रा से पहले प्रशासन ने बुलाई अहम बैठक
हर वर्ष सावन के दौरान लाखों शिवभक्त कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेरठ प्रशासन ने कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले डीजे संचालकों के साथ बैठक आयोजित की।
बैठक में अधिकारियों ने सभी ऑपरेटरों को यात्रा के दौरान पालन किए जाने वाले दिशा-निर्देशों की विस्तार से जानकारी दी और कहा कि धार्मिक आयोजन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
डीजे की ऊंचाई और चौड़ाई पर तय की गई सीमा
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा में इस्तेमाल होने वाला डीजे निर्धारित आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए। नई गाइडलाइन के अनुसार डीजे की ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट से अधिक नहीं हो सकती।
अधिकारियों का कहना है कि बड़े आकार के डीजे वाहनों से दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है और बिजली की लाइनें, पुल या अन्य संरचनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए तय मापदंड का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य होगा।
तेज आवाज में डीजे बजाने की नहीं होगी अनुमति
बैठक में ध्वनि प्रदूषण को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। प्रशासन ने कहा कि डीजे की आवाज सरकार द्वारा निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही रहनी चाहिए।
जरूरत से ज्यादा तेज आवाज न केवल आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बनती है, बल्कि यह नियमों का उल्लंघन भी माना जाएगा। ऐसे मामलों में कार्रवाई की जा सकती है।
अश्लील गानों और भड़काऊ नारों पर रहेगा प्रतिबंध
कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रशासन ने डीजे पर बजाए जाने वाले गानों और घोषणाओं को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों ने साफ कहा कि किसी भी स्थिति में अश्लील गाने, आपत्तिजनक टिप्पणियां, भड़काऊ नारे या ऐसा कोई ऑडियो नहीं चलाया जाएगा जिससे किसी धर्म, समुदाय या व्यक्ति की भावनाएं आहत हों। यात्रा के दौरान केवल मर्यादित और उपयुक्त धार्मिक वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
सड़क पर जाम लगाने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने डीजे संचालकों को यह भी निर्देश दिया कि उनके वाहन या अस्थायी ढांचे की वजह से यातायात बाधित नहीं होना चाहिए।
यदि किसी डीजे वाहन के कारण सड़क जाम होती है या आम लोगों के आने-जाने में परेशानी पैदा होती है, तो संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ यात्रा के साथ-साथ आम नागरिकों की आवाजाही भी प्रभावित न हो।
अफवाहों से बचने और पुलिस से संपर्क बनाए रखने की अपील
बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। प्रशासन ने सभी डीजे ऑपरेटरों से कहा कि किसी भी अपुष्ट या भड़काऊ संदेश पर विश्वास न करें और यदि ऐसी कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या कंट्रोल रूम को सूचित करें।
इसके अलावा सभी संचालकों को अपने क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों और स्थानीय थाने के संपर्क में रहने की सलाह दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
शांतिपूर्ण और सुरक्षित यात्रा पर प्रशासन का फोकस
मेरठ प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराना प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पहले ही विभिन्न तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि सभी डीजे ऑपरेटर निर्धारित गाइडलाइन का पालन करेंगे, तो यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं और आम लोगों को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

