दोस्ती से प्यार, फिर शादी… छत्तीसगढ़ की अलीशा बनी अदिति, रामपुर के युवक संग लव मैरिज के बाद मिला पुलिस का साथ

Rampur News: फेसबुक और इंस्टाग्राम से शुरू हुई दोस्ती प्रेम में बदली और फिर छत्तीसगढ़ की अलीशा खातून ने रामपुर के जोगेंद्र सिंह सैनी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह कर लिया। शादी के बाद उन्होंने अपना नाम अदिति रख लिया। परिजनों की गुमशुदगी शिकायत के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस रामपुर पहुंची, लेकिन जांच में युवती के बालिग होने और अपनी इच्छा से विवाह करने की पुष्टि होने पर पुलिस ने उसे पति के साथ रहने की अनुमति दे दी।

Samvadika Desk
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इमेज - सोशल मीडिया
Highlights
  • फेसबुक-इंस्टाग्राम की दोस्ती पहुंची सात फेरों तक!
  • छत्तीसगढ़ की अलीशा ने शादी के बाद रखा नया नाम अदिति!
  • हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ दोनों का विवाह!

रामपुर, उत्तर प्रदेश: सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक दोस्ती ने आखिरकार प्रेम और फिर विवाह का रूप ले लिया। छत्तीसगढ़ की रहने वाली अलीशा खातून ने उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी जोगेंद्र सिंह सैनी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह करने के बाद अपना नाम अदिति रख लिया। इस पूरे मामले में उस समय नया मोड़ आ गया जब युवती के परिजन छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ उसे वापस ले जाने के लिए रामपुर पहुंचे। हालांकि पुलिस जांच में युवती के बालिग होने और अपनी इच्छा से विवाह करने की पुष्टि होने के बाद उसे अपने पति के साथ रहने की अनुमति दे दी गई।

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सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती, धीरे-धीरे प्यार में बदली

जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई स्थित खुर्शीपार थाना क्षेत्र की रहने वाली अलीशा खातून की करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए रामपुर के सैनीनगर निवासी 21 वर्षीय जोगेंद्र सिंह सैनी से पहचान हुई थी। शुरुआत सामान्य बातचीत से हुई, लेकिन समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं और यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।

लगातार बातचीत के बाद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया। बताया जा रहा है कि 10 मई को अलीशा अपने घर से निकलकर रामपुर पहुंच गई, जहां वह जोगेंद्र के साथ रहने लगी।

युवती के घर से जाने के बाद दर्ज हुई गुमशुदगी

जब अलीशा घर नहीं लौटी तो उसके परिवार ने काफी तलाश की। कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने भिलाई के खुर्शीपार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और जांच के दौरान उसके रामपुर में होने की जानकारी मिली।

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छत्तीसगढ़ पुलिस परिजनों के साथ पहुंची रामपुर

गुमशुदगी की जांच के सिलसिले में 25 जून को खुर्शीपार थाने के एएसआई सुरेंद्र सिंह राजपूत, युवती की मां परवीन बेगम और भाई मोहम्मद समीर के साथ रामपुर पहुंचे। यहां पुलिस युवक और युवती को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची तथा गुमशुदगी का मामला बताते हुए युवती को वापस ले जाने की अनुमति मांगी।

हिंदू संगठन भी पहुंचे, पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की जानकारी मिलते ही कुछ हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी पुलिस कार्यालय पहुंच गए। उनका कहना था कि युवती बालिग है और उसने अपनी इच्छा से विवाह किया है, इसलिए उसे अपनी पसंद के अनुसार रहने का अधिकार है।

स्थिति को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले की जांच शहर कोतवाली पुलिस को सौंप दी। इसके बाद युवती की उम्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई और उसके बयान भी दर्ज किए गए।

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युवती ने कहा- अपनी मर्जी से पति के साथ रहना चाहती हूं

पुलिस के सामने दिए गए बयान में अलीशा ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने अपनी इच्छा से जोगेंद्र सिंह सैनी से विवाह किया है और वह उसी के साथ रहना चाहती है। जांच के दौरान यह भी पुष्टि हुई कि युवती बालिग है और उस पर किसी प्रकार का दबाव नहीं है।

इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए युवती को उसके पति के साथ रहने की अनुमति दे दी।

हिंदू रीति-रिवाज से हुआ विवाह, बदला नाम

बताया गया कि 21 जून को दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार विवाह किया था। विवाह के बाद अलीशा ने अपना नया नाम अदिति रख लिया। बजरंग दल के जिला संयोजक अविनाश पटेल के अनुसार विवाह दोनों की सहमति से संपन्न हुआ।

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शिव मंदिर में हुआ सार्वजनिक जयमाला कार्यक्रम

पुलिस जांच पूरी होने और कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद 26 जून को रामपुर के पंजाब नगर स्थित शिव मंदिर में दोनों का सार्वजनिक जयमाला कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर अपने वैवाहिक जीवन की सार्वजनिक शुरुआत की।

फिलहाल दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि चूंकि युवती बालिग है और उसने अपनी स्वतंत्र इच्छा से अपना निर्णय लिया है, इसलिए कानून के अनुसार उसे अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने का अधिकार है।

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