बरेली: हवाला का बड़ा नेटवर्क पकड़ा, एक महीने में 14 करोड़ का लेन-देन; तीन गिरफ्तार, मुख्य सरगना फरार

Bareilly News: बरेली पुलिस ने हवाला और साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। गिरोह ने फर्जी कंपनियों के जरिए एक महीने में 14 करोड़ रुपये का लेन-देन किया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य सरगना सागर फरार है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

Samvadika Desk
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अंशिका वर्मा, एसपी साउथ (बरेली)
Highlights
  • बरेली में हवाला का बड़ा नेटवर्क पकड़ा गया!
  • तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, सरगना फरार!
  • फर्जी कंपनियों के जरिए चलाया जा रहा था कारोबार!

बरेली, उत्तर प्रदेश: बरेली पुलिस ने एक संगठित हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने फर्जी कंपनियों के जरिए भारी मात्रा में हवाला का कारोबार किया और साइबर ठगी में भी हाथ आजमाया। पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके खातों में मात्र एक महीने के अंदर 14 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था।

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गिरोह का काम करने का तरीका

जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने कई शेल (फर्जी) कंपनियां खोलीं और उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाकर हवाला की रकम को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर किया। पुलिस जांच में सामने आया कि इन कंपनियों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं था।

गिरफ्तार तीन आरोपियों में नवाबगंज अधकटा रब्बानी बेगम निवासी आसिफ, बारादरी निवासी जितेंद्र मिश्रा और बिथरी चैनपुर निवासी हिमांशु पटेल शामिल हैं। इनके अलावा विशाल पटेल, फाजिल गद्दी और गिरोह का मुख्य सरगना सागर (हरियाणा निवासी) फरार हैं।

फर्जी फर्मों से 14 करोड़ का ट्रांजेक्शन

पूछताछ में खुलासा हुआ कि विशाल पटेल ने अपने ड्राइवर के नाम से ‘शुभ मंगल’ नाम की फर्म खोली। हिमांशु पटेल और आसिफ ने दुर्गा नगर निवासी विशाल गिरी के नाम से ‘कुमार एनर्जी’ नाम की दूसरी फर्म बनाई। इन फर्मों का कार्यालय सिविल लाइंस के एलवी कॉम्प्लेक्स में चलाया जा रहा था।

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पिछले साल सितंबर महीने में इन फर्मों के खातों में 14 करोड़ रुपये जमा हुए, जिन्हें पूरी तरह नकद (कैश) में निकाल लिया गया। आरोपियों ने इस रकम का कोई वैध स्रोत नहीं बताया।

साइबर ठगी का भी धंधा

आसिफ ने ‘एएनए क्रेडिट्स’ नाम से एक कंपनी खोली और इलाके में कॉल सेंटर चलाया। इसमें करीब 5 लोगों को नौकरी दी गई। टेलीग्राम चैनल से 40 हजार लोगों की व्यक्तिगत जानकारी मात्र 2,500 रुपये में खरीदी गई।

कॉल सेंटर के कर्मचारी लोगों को फोन कर क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए लुभाते थे। उन्हें झांसा दिया जाता था कि उनकी रकम को डबल कर दिया जाएगा। बाद में बैंक एजेंट के जरिए कार्ड बनवाकर उनसे पैसे निकाल लिए जाते थे।

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गिरोह ने लगभग 40 क्रेडिट कार्डों से करीब 90 लाख रुपये निकाले। इस मामले में इलाके में पंचायत भी हुई थी, बाद में आरोपियों ने पैसे लौटाने का वादा किया था।

सरगना सागर की लग्जरी लाइफ

गिरोह का मुख्य सरगना सागर हरियाणा का रहने वाला है, जो बरेली में नियमित आता-जाता था। वह लग्जरी कार से घूमता था। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए दो विशेष टीमें लगाई हैं और उसके मोबाइल को सर्विलांस पर रखा है।

आरोपियों की पृष्ठभूमि

पूछताछ में पता चला कि सभी आरोपी पढ़े-लिखे हैं। उन्होंने ग्रेजुएशन किया है और कुछ लोग बैंक में नौकरी भी कर चुके हैं, जिसकी वजह से उन्हें बैंकिंग प्रक्रिया और खाता खोलने की पूरी जानकारी थी।

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पुलिस का बयान

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “आरोपी फर्जी फर्म बनाकर हवाला का कारोबार कर रहे थे। उनके खातों में 14 करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।”

पुलिस इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह से तोड़ने और अन्य शामिल लोगों को पकड़ने के लिए तेजी से काम कर रही है। यह कार्रवाई बरेली में हवाला, साइबर ठगी और फर्जी कंपनियों के रैकेट पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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