बरेली, उत्तर प्रदेश: रविवार की सुबह बरेली पुलिस लाइन में जो नजारा देखने को मिला, वह उत्साह, अनुशासन और गर्व का अद्भुत मिश्रण था। नौ महीने की कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 783 महिला रंगरूट पासिंग आउट परेड में सिपाही बनकर पुलिस महकमे का हिस्सा बन गईं। इसी के साथ पीएसी की आठवीं बटालियन के 364 प्रशिक्षु जवानों ने भी वर्दी पहनकर सेवा की नई शुरुआत की। परेड मैदान में गूंजते कदमों, सलामी और जयकारों के बीच पूरा माहौल जोश से भर गया। यह भव्य समारोह बरेली पुलिस लाइन में आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि ने ली सलामी, दिया अनुशासन का संदेश
पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, इस भव्य पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि रमित शर्मा रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली और सभी जवानों को कर्तव्य, निष्ठा और अनुशासन का महत्व समझाया। उनके साथ अनुराग आर्य भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने नए सिपाहियों को याद दिलाया कि वर्दी सिर्फ एक कपड़ा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है, जिसे पूरी ईमानदारी, लगन और समर्पण से निभाना होगा।
800 में से 783 को मिली तैनाती
आरआई हरमीत सिंह ने मीडिया को बताया बताया कि पुलिस लाइन को 800 महिला रंगरूटों का आवंटन मिला था, जिसमें से 796 ने आमद दर्ज कराई। प्रशिक्षण के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने अन्य सेवाओं में चयन या निजी कारणों से छोड़ दिया। अंत में 783 महिला सिपाहियों को तैनाती मिली, जिनमें 292 को बरेली जिले के थानों में ही नियुक्त किया जाएगा। इससे जिले के हर थाने में औसतन 48 नए सिपाहियों की ताकत बढ़ेगी।
जश्न और सम्मान का पल
पासिंग आउट के बाद पूरा मैदान जश्न के रंग में डूब गया। सिर पर पगड़ी, हाथ में सर्टिफिकेट और चेहरे पर गर्व—हर तरफ खुशी नजर आई। महिला सिपाहियों ने अपने माता-पिता के सिर पर पगड़ी रखकर सम्मान जताया, सेल्फी ली और पगड़ी उछालकर सफलता का जश्न मनाया। ज्यादातर रंगरूट गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से थीं, जिनके लिए यह पल सपनों के सच होने जैसा था।
भीषण गर्मी में भी नहीं टूटा हौसला
भीषण गर्मी के बावजूद रंगरूटों का जोश और लगन कम नहीं हुआ। परेड के दौरान उनका अनुशासन और तालमेल देखते ही बनता था। नए सिपाहियों ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुओं और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत और अनुशासन के बाद आज यह पल आया है।
PAC बटालियन में भी पासिंग आउट
इसी दिन पीएसी आठवीं बटालियन में भी पासिंग आउट परेड आयोजित हुई। मोदक राजेश डी राव ने सलामी ली और कमांडेंट आकाश तोमर के साथ निरीक्षण किया। यहां 400 में से 394 रंगरूटों ने आमद दर्ज कराई थी, जिनमें से 364 ने प्रशिक्षण पूरा कर सिपाही का दर्जा हासिल किया। सभी को प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनाती के पत्र सौंपे गए।
बरेली पुलिस को मिली नई ताकत
यह पासिंग आउट परेड बरेली पुलिस के लिए नई ताकत और ऊर्जा का प्रतीक है। 783 महिला सिपाहियों और 364 PAC जवानों की भर्ती से पुलिस बल और मजबूत होगा। महिला सिपाहियों की तैनाती खासकर संवेदनशील मामलों और महिला सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बरेली पुलिस महकमा अब और अधिक सक्रिय और प्रभावी होने वाला है।

