लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। अगले पांच सालों में प्रदेश के गांवों में 15 लाख नए उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से तकरीबन एक करोड़ लोग उद्यमी बनेंगे और आत्मनिर्भर होंगे। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के जरिए स्वयं सहायता समूहों (SHG) को उद्यमिता से जोड़ा जाएगा। हर स्वयं सहायता समूह से कम से कम एक सदस्य या पूरा समूह उद्यम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्वयं सहायता समूहों को मिलेगी विशेष मदद
योगी सरकार का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ स्वयं सहायता समूह हैं। इन्हें मजबूत बनाने के लिए सरकार वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, विपणन (मार्केटिंग) की सुविधा और तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। इससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं का पलायन रुकेगा और गांवों में ही रोजगार के अवसर पैदा होंगे। योजना के तहत छोटे-छोटे उद्योग, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, पोल्ट्री, किराना स्टोर, सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर और डिजिटल सेवाएं जैसे क्षेत्रों में उद्यम स्थापित किए जाएंगे।
‘लखपति दीदी’ को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
ग्रामीण महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए योगी सरकार ने एक खास कदम उठाया है। प्रदेश की 14 ‘लखपति दीदियों’ को इस साल गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। ये महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उद्यम चला रही हैं और सालाना लाखों रुपये की आय कमा रही हैं। इनकी सफलता अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेगी। सरकार का लक्ष्य है कि ‘लखपति दीदी’ जैसी सफलता की कहानियां पूरे प्रदेश में फैलें और महिलाएं आत्मनिर्भर बनें।
वीबी-जी-राम-जी योजना पर मंगलवार को प्रदेश कार्यशाला
विकसित भारत जी-राम-जी योजना (विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन ग्रामीण) को लेकर विपक्ष हमलावर है। भाजपा इसे लेकर कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदेश स्तर की कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और हरियाणा के पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ मुख्य अतिथि होंगे। भाजपा के सभी विधायक, सांसद, प्रदेश संगठन के पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह और दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व बृजेश पाठक शामिल होंगे।
कार्यशाला में योजना के लाभ बताए जाएंगे और मनरेगा की कमियों को जनता के सामने रखा जाएगा। भाजपा का कहना है कि वीबी-जी-राम-जी योजना मनरेगा से कहीं बेहतर है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत देगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने का संकल्प
योगी सरकार का यह प्रयास ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को पलायन से रोकने और गांवों में ही रोजगार पैदा करने का है। 15 लाख नए उद्यम स्थापित होने से एक करोड़ लोगों को उद्यमिता का रास्ता मिलेगा। इससे न सिर्फ बेरोजगारी कम होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा।
यह योजना उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की सफलता की कहानियां प्रदेश के हर कोने से सामने आएंगी।

