देहरादून, उत्तराखंड: उत्तर प्रदेश के कुख्यात छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के अवैध धर्मांतरण रैकेट की जड़ें उत्तराखंड के देहरादून तक फैली थीं। यूपी पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने देहरादून पुलिस के साथ मिलकर इस रैकेट के दो अहम सहयोगियों, अब्दुल रहमान और मरियम, को पकड़ा है। दोनों का छांगुर बाबा से सीधा संबंध सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया।
देहरादून में रैकेट का जाल
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, यूपी ATS ने गुरुवार, 17 जुलाई 2025 को देहरादून के शंकरपुर से अब्दुल रहमान को हिरासत में लिया। जाँच में पता चला कि वह स्थानीय स्तर पर धर्मांतरण की गतिविधियों में शामिल था और छांगुर बाबा के नेटवर्क का हिस्सा था। पुलिस ने उसके घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए, जिनकी गहन जाँच चल रही है। अब्दुल रहमान को यूपी पुलिस अपने साथ ले गई, ताकि देहरादून में इस रैकेट के दायरे का पता लगाया जा सके।
मरियम की संदिग्ध भूमिका
डोईवाला की मरियम नामक महिला का नाम भी इस मामले में उभरा है। यूपी ATS ने उससे गहन पूछताछ की, और प्रारंभिक जाँच में संदेह है कि वह रैकेट में अहम भूमिका निभा रही थी। उसकी सटीक भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुलिस स्थानीय लोगों और अन्य स्रोतों से उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। मरियम के कनेक्शन की जाँच रैकेट की गहराई को उजागर कर सकती है।
उत्तराखंड पुलिस अलर्ट
छांगुर बाबा के नेटवर्क का उत्तराखंड कनेक्शन सामने आने के बाद देहरादून पुलिस सतर्क हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, रैकेट के तार देहरादून के अन्य इलाकों से भी जुड़े हो सकते हैं। स्थानीय पुलिस ने अपनी जाँच तेज कर दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। ATS और स्थानीय पुलिस मिलकर इस नेटवर्क को पूरी तरह उखाड़ने की कोशिश में हैं।
छांगुर बाबा का काला साम्राज्य
छांगुर बाबा पर आरोप है कि वह विदेशी फंडिंग के जरिए यूपी, उत्तराखंड, और अन्य राज्यों में अवैध धर्मांतरण का जाल चला रहा था। उसने हिंदू युवतियों को प्रलोभन और दबाव से धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया। उसका नेटवर्क बलरामपुर से लेकर मुंबई, पुणे, और नेपाल तक फैला था। यूपी ATS और ED ने हाल ही में उसके 14 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें करोड़ों की संपत्ति और संदिग्ध लेन-देन के सबूत मिले।
सामाजिक और सुरक्षा चिंता
यह मामला केवल धर्मांतरण तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है। विदेशी फंडिंग, खासकर मध्य पूर्व और नेपाल के रास्ते, ने इस रैकेट को ताकत दी। यह समाज से जागरूकता और सख्त कार्रवाई की माँग करता है, ताकि सामाजिक सौहार्द बरकरार रहे।
आगे की जाँच
यूपी ATS अब्दुल रहमान और मरियम से पूछताछ के जरिए रैकेट के अन्य सदस्यों और उनके स्थानीय कनेक्शनों का पता लगाने में जुटी है। देहरादून पुलिस भी अपने स्तर पर संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी कर रही है। यह जाँच रैकेट की पूरी गहराई को उजागर कर सकती है।

