हिसार, हरियाणा: हरियाणा के हिसार में पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में जेल में बंद ज्योति मल्होत्रा के पिता हरीश मल्होत्रा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर अपनी बेटी को निर्दोष बताया है। ज्योति की जमानत याचिका खारिज होने और उसका 35वां जन्मदिन जेल में बीतने के बाद हरीश ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने गारंटी दी कि उनकी बेटी अब कभी पाकिस्तान नहीं जाएगी।
ज्योति की गिरफ्तारी और जेल
ज्योति मल्होत्रा को 16 मई 2025 को पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हिसार कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनकी छठी पेशी हुई, जहाँ उनकी न्यायिक हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी गई। अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। 26 मई को उन्हें हिसार की सेंट्रल जेल-2 भेजा गया था। 1 अगस्त को उनका 35वां जन्मदिन जेल में ही बीता। ज्योति की माँ ने डेढ़ साल की उम्र में उन्हें शिशु गृह में छोड़ दिया था, और पिता हरीश व दादा-दादी ने उनका पालन-पोषण किया।
पिता का दर्द और पत्र
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, हरीश मल्होत्रा ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने ज्योति से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर मनमाने बयान लिखे। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 जोड़ी गई, जो देशद्रोह से संबंधित नहीं है, फिर भी जासूसी का आरोप लगाया गया। हरीश ने कहा कि 9 दिन के रिमांड में कोई सबूत नहीं मिला, और हिसार के एसपी ने भी माना कि ज्योति को कोई संवेदनशील, सैन्य, या रणनीतिक जानकारी नहीं मिली।
असंवैधानिक एफआईआर का आरोप
हरीश ने पत्र में लिखा कि संविधान का अनुच्छेद 20 किसी को अपने खिलाफ गवाह बनाने से रोकता है, लेकिन पुलिस ने ज्योति के बयान को ही उनके खिलाफ इस्तेमाल किया। उन्होंने इसे असंवैधानिक बताते हुए एफआईआर रद्द करने की माँग की। उन्होंने ऑफिशियल सिक्रेट एक्ट के तहत लगाए आरोपों को भी गलत ठहराया, क्योंकि कोई ठोस सबूत नहीं है।
ट्रैवल ब्लॉगर की सफाई
हरीश ने बताया कि ज्योति एक ट्रैवल ब्लॉगर है, और उसके पाकिस्तान यात्रा के वीडियो सामान्य हैं। अगर एजेंसी को कोई वीडियो आपत्तिजनक लगता है, तो ज्योति उसे हटाने को तैयार है। हरीश ने गारंटी दी, “मेरी बेटी अब कभी पाकिस्तान नहीं जाएगी।” उन्होंने राष्ट्रपति से ज्योति और उनके परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।
जमानत की कोशिश
ज्योति की जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनके वकील कुमार मुकेश अब डिफॉल्ट बेल की अर्जी दाखिल करने की तैयारी में हैं। हरीश नियमित रूप से जेल में ज्योति से मिलने जाते हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी निर्दोष है, और पुलिस ने बिना सबूत के उसे फँसाया है।
सामाजिक और कानूनी सवाल
यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली, जासूसी जैसे गंभीर आरोपों, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर सवाल उठाता है। ज्योति की गिरफ्तारी और उनके पिता के दावों ने समाज में बहस छेड़ दी है। यह घटना निष्पक्ष जाँच और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की माँग करती है, ताकि निर्दोष को सजा न मिले।

