साहेबगंज, झारखंड: प्यार में न देश की सीमा होती है, न भाषा और न ही संस्कृति का फर्क। यह बात साबित कर दी साहेबगंज के चंदन सिंह और चीन के हेवेई प्रांत की छियाओ जियाओ ने। दोनों की मुलाकात पढ़ाई के दौरान पहले चीन में हुई, फिर लंदन में दोस्ती प्यार में बदली और आखिरकार 6 दिसंबर को विनायक होटल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर ये जोड़ा हमेशा के लिए एक हो गया।
चीन से लंदन, लंदन से साहेबगंज तक का सफर
ख़बरों के मुताबिक, चंदन और छियाओ जियाओ की पहली मुलाकात शिक्षा के सिलसिले में चीन में हुई। बाद में दोनों लंदन में मिले। बातचीत बढ़ी, दोस्ती हुई और धीरे-धीरे प्यार इतना गहरा हो गया कि दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का फैसला कर लिया। संस्कृति, भाषा और हजारों किलोमीटर के फासले के बावजूद उनका प्यार कम नहीं हुआ, बल्कि और मजबूत होता गया।
छियाओ ने अपनाया भारतीय रिवाज, परिवार ने दिया पूरा साथ
चंदन के पिता शंभू शंकर सिंह ने बेटे के फैसले का दिल से स्वागत किया और भव्य वैदिक विवाह का आयोजन किया। लाल जोड़े में सजी छियाओ जियाओ ने मंगलसूत्र पहना, सिंदूर लगाया और सात फेरे लिए। मंत्रोच्चार के बीच जब दूल्हा-दुल्हन वरमाला डाल रहे थे तो पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। शादी में भारतीय और चीनी संस्कृति का अनोखा मेल दिखा। मेहमान भावुक होकर इस प्रेम कहानी की तारीफ करते नहीं थके।
साहेबगंज से लेकर सोशल मीडिया तक यह शादी इन दिनों सुर्खियों में है। लोग कह रहे हैं – “सचमुच प्यार सात समंदर पार भी करवा देता है।” चंदन और छियाओ जियाओ की यह प्रेम कहानी अब पूरे इलाके में प्यार, विश्वास और सांस्कृतिक एकता की मिसाल बन गई है।

