आगरा: धर्मांतरण के पीछे गजवा-ए-हिंद की साजिश! कोलकाता बना गैंग का केंद्र, दिल्ली से ज्यादा पश्चिम बंगाल में सक्रिय

Agra News: आगरा में अवैध धर्मांतरण के एक सनसनीखेज मामले ने गजवा-ए-हिंद की साजिश को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। पुलिस ने 'महजब तब्दीली' गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के बेटे की पूछताछ में खुलासा हुआ कि धर्मांतरण का असली मकसद गजवा-ए-हिंद की मुहिम को बढ़ावा देना था।

Samvadika Desk
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प्रतीकात्मक इमेज
Highlights
  • आगरा में धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश, अब्दुल रहमान पकड़ा गया!
  • कोलकाता बना गैंग का केंद्र, लव जिहाद से ब्रेनवॉश का खुलासा!
  • लव जिहाद के जरिए निशाना बनती थीं हिंदू युवतियाँ!

आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा में अवैध धर्मांतरण के एक सनसनीखेज मामले ने गजवा-ए-हिंद की साजिश को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस द्वारा ‘महजब तब्दीली’ गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान के बेटे की पूछताछ में खुलासा हुआ कि धर्मांतरण का असली मकसद गजवा-ए-हिंद की मुहिम को बढ़ावा देना था। गैंग कोलकाता को अपना मुख्य केंद्र मानता है, जहाँ धर्मांतरण, ब्रेनवॉश और ट्रेनिंग आसानी से हो जाती है।

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गजवा-ए-हिंद का खुलासा

कई सालों से कुछ संगठन गजवा-ए-हिंद की साजिश के लिए संदिग्ध थे, जिसके बाद केंद्र सरकार ने कई संगठनों पर प्रतिबंध लगाया। अब आगरा में पकड़े गए धर्मांतरण गैंग ने इस साजिश को फिर उजागर किया। पुलिस के मुताबिक, अब्दुल रहमान के बेटे ने पूछताछ में कबूल किया कि उनका लक्ष्य गजवा-ए-हिंद की मुहिम को आगे बढ़ाना था। गैंग के 14 सदस्य, जिनमें मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान शामिल है, अब तक गिरफ्तार हो चुके हैं।

कोलकाता: धर्मांतरण का गढ़

अब्दुल रहमान के बेटे ने बताया कि कोलकाता को गैंग ने धर्मांतरण का मुख्य केंद्र बनाया है। वहाँ घनी मुस्लिम बस्तियों में सस्ते किराए पर कमरे मिल जाते हैं, और कागजात तैयार करना आसान है। धर्मांतरण के बाद लोग इन्हीं इलाकों में रहते हैं, जिससे कोई खतरा नहीं रहता। उसने दावा किया कि कोलकाता में “गली-गली अब्दुल रहमान जैसे लोग मिलेंगे।” वहाँ धर्मांतरण के खिलाफ कोई सख्त कानून नहीं होने का फायदा गैंग उठाता है।

दिल्ली में बढ़ा खतरा

गैंग के मुताबिक, दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद उनकी गतिविधियों पर पुलिस की नजर बढ़ गई। पहले दिल्ली में गैंग बिना डर के काम करता था, लेकिन अब उन्होंने अपनी गतिविधियाँ कम कर दीं। अब्दुल रहमान अक्सर पश्चिम बंगाल जाता था। गैंग का कहना है कि वे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल नहीं हैं, सिर्फ “कलमा पढ़वाने” का काम करते हैं।

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गैंग की रणनीति

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग सुनियोजित तरीके से काम करता था। वे लोगों को प्रेमजाल या अन्य तरीकों से फंसाते, फिर उन्हें कोलकाता भेजते। नाबालिगों का धर्मांतरण नहीं किया जाता था; उनके बालिग होने का इंतज़ार किया जाता। ब्रेनवॉश और ट्रेनिंग के बाद धर्म परिवर्तन करवाया जाता था। अब्दुल रहमान ने अपने बेटों को कहा, “परेशान मत हो, जन्नत मिलेगी।”

पुलिस की कार्रवाई

आगरा की सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में पुलिस ने अब्दुल रहमान को परिवार सहित फंसाने की धमकी दी, जिसके बाद उसने गैंग के राज़ उगले। पुलिस कोलकाता और पश्चिम बंगाल में गैंग के ठिकानों की जाँच कर रही है। यह खुलासा जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बन गया है, क्योंकि गैंग का नेटवर्क गहरे तक फैला है।

सामाजिक और राष्ट्रीय चिंता

यह मामला गजवा-ए-हिंद जैसी साजिशों और अवैध धर्मांतरण के खतरों को उजागर करता है। यह समाज से सतर्कता और कड़े कानूनी कदमों की माँग करता है। कोलकाता के हालात ने धार्मिक सौहार्द और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, जिसके लिए गहन जाँच और कार्रवाई की जरूरत है।

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