आगरा, उत्तर प्रदेश: आगरा में एक हिंदू परिवार की दो बेटियों को सत्संग के बहाने ब्रेनवॉश कर इस्लाम की ओर झुकाने और कश्मीर ले जाकर धर्मांतरण व निकाह की साजिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। समय रहते परिवार की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दोनों बेटियों को बचा लिया गया। दोनों फिलहाल पुलिस कस्टडी में हैं और काउंसलिंग जारी है। पिता ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
सत्संग से शुरू हुआ धोखा
आगरा के अनिल भाटिया ने आजतक को बताया कि उनकी दोनों बेटियाँ मार्च 2024 से लापता थीं। वे सत्संग के लिए घर से निकली थीं, लेकिन बाद में पता चला कि वे मुस्लिम युवतियों के संपर्क में थीं। बड़ी बेटी, जो पीएचडी की तैयारी कर रही थी, आगरा में कोचिंग के दौरान कश्मीर की शाहिमा (एमएससी छात्रा) से मिली। शाहिमा ने उसे इस्लाम की ओर प्रेरित किया।
ब्रेनवॉश की साजिश
अनिल के अनुसार, शाहिमा ने उनकी बेटी के मन में हिंदू धर्म के खिलाफ नफरत भरी और इस्लाम को सच्चा धर्म बताया। छोटी बेटी भी बड़ी बहन के प्रभाव में आ गई। अनिल ने इसे फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ जैसी साजिश बताया, जिसमें बेटियों को कश्मीर ले जाकर धर्मांतरण और निकाह की योजना थी।
पुलिस ने बचाया
परिवार की सतर्कता, लोकेशन ट्रेसिंग और कॉल रिकॉर्ड्स की मदद से पुलिस ने दोनों बेटियों को आगरा में पकड़ लिया। फिलहाल, वे पुलिस कस्टडी में हैं और उनकी काउंसलिंग चल रही है। 3.5 महीने की ब्रेनवॉशिंग ने बेटियों की सोच को प्रभावित किया है, जिससे परिवार सदमे में है।
परिवार की पीड़ा
अनिल ने बताया कि ब्रेनवॉशिंग ने बेटियों की सोच बदल दी। खासकर छोटी बेटी, बड़ी बहन की बातें दोहराती है। यह मामला परिवार के मानसिक और सामाजिक संतुलन को हिला रहा है। अनिल ने दोषियों को कड़ी सजा की माँग की है।
सीएम योगी को आभार
अनिल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया और माता-पिताओं को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी। उन्होंने ‘सत्य प्रकाश – द लाइफ व्हाट टू’ किताब पढ़ने की सिफारिश की, ताकि युवा धार्मिक भ्रम से बचें।
एजेंसियां जाँच में जुटीं
पुलिस और खुफिया एजेंसियाँ धर्मांतरण और लव जिहाद के पहलुओं की गहन जाँच कर रही हैं। यह मामला सोशल मीडिया और धार्मिक सभाओं के दुरुपयोग को उजागर करता है, जो समाज से सतर्कता और जागरूकता की माँग करता है।

